YOG JAGRAN YATRA, 6-15 AUGUST 2018

Bilaspur Sambhag Route

KURAN, SHANTI SANDESH FOR ALL 2018

सामाजिक सद्भाव एवं आपसी भाईचारा पर गोश्ठी
कोरबा-02.09.2018- अतिथि
जनाब इकबाल मुल्ला साहब राष्ट्रीय सचिव जमात-ए-इस्लामी हिन्द दिल्ली।
जनाब मुबीन खान सचिव जमात-ए-इस्लामी हिन्द, छ.ग.।
जनाब रामसिंह अग्रवाल लायन्स क्लब कोरबा।
जनाब अब्दुल वाहिद सिद्दकी अध्यक्ष जमात-ए-इस्लामी हिन्द कोरबा।
जनाब ज्ञानी स्वर्ण सिंह साहब सिक्ख समाज।
जनाब मानिक विष्वकर्मा साहित्यकार।
जनाब सी.आर.राज आदिवासी षक्ति पीठ कोरबा।
ब्रह्माकुमारी लीना।
ब्रह्माकुमार ए.पी.पाण्डेय।

अतिथियों के सेवाकेन्द्र पर पधारने पर ब्रह्माकुमारी रूकमणी ब्रह्माकुमारी बिन्दु तथा ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने स्वागत किया और ईश्वरीय उपहार भेंट कियं।

JANMASTMI AND Dr. DEBNATH BIRTHDAY 2018

 

RAKSHBANDHAN 2018

रक्षाबंधन के पावन पर्व की शुभ बधाईंयां
कोरबा-25.08.2018-सुरक्षा से जुड़े पुलिस या हो बटालियन का समूह, जेल में कैदी बन्धु हों या हो छात्रावास में अध्ययन करते हुए युवा, ब्रह्माकुमारी बहनों के कदम नहीं रूकते वे सभी की भावनाओं को बड़े ही स्नेह प्यार से भर देती हैं। यहां तक वे समाज से बहिष्कृत कुश्ठ रोगियों को भी, बड़े स्नेह-प्यार से मुख मीठा कराती तिलक देकर राखी बांधती हैं। मूक बधिर एवं विशेष आवश्यकता आधारित बच्चों में भी वे नई जाग्रति और स्फूर्ति की नई किरण स्नेह के कच्चे धागों को बांध और मिठाई खिलाकर भर देती हैं। प्रषांति वृद्ध आश्रम एवं कुष्ठ आश्रम में तो खुशियों की लहर देखते ही बनती है। पूरे ही अंचल में ब्रह्माकुमारी बहनें रक्षा बंधन का त्यौहार पूरे सप्ताह मना रहीं हैं। पवित्र पावन रक्षा बंधन पर्व के अवसर पर नगरवासियों को षुभ कामनायें और बधाई। समीपस्थ सेवाकेन्द्र पर आप रक्षा सूत्र बंधवाने के लिये सादर आमंत्रित हैं।

DADI JI SMRUTI DIWAS 2018

आध्यात्मिक प्रकाश की मणि-दादी प्रकाशमणि को श्रद्धा सुमन अर्पित
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विष्व विद्यालय संस्था की द्वितीय मुख्य प्रषासिका दादी प्रकाशमणि जी का जन्म सन् 1922 में अविभाजित भारत के सिन्ध प्रांत के हैदराबाद शहर में हुआ। 14 वर्ष की अल्पायु में दादी जी ने अपना जीवन मानव कल्याण हेतु सन् 1936-37 में ओम मण्डली के नाम पर स्थापित संस्था को सम्पूर्ण रूप से समर्पित कर दिया। सन् 1950 तक संस्था गहन ध्यान साधना और स्वयं को गढ़ने में, 350 सदस्यों का यह संगठन कराची में ही रहा। संस्था द्वारा स्थापित बोर्डिंग स्कूल में दादी जी ने एक आदर्श शिक्षिका की भूमिका निभाई। सन् 1950 में संस्था का स्थानांतरण कराची से भारत में मांउण्ट आबू राजस्थान में हुआ। सन् 1956-61 तक मुम्बई के ब्रह्माकुमारीज् सेवाकेन्द्रों की दादी जी संचालिका बनी। सन् 1964 में महाराष्ट्र जोन की आप निदेशिका बनी। सन् 1965-1968 तक आपने गुजरात, कर्नाटक में भी अपनी सेवाओं का विस्तार किया। सन् 1969 में आपने संस्था के संस्थापक के अव्यक्त होने के बाद संस्था के द्वितीय मुख्य प्रशासिका की बागडोर सम्हाली। आपने भारत में आयोजित अनेकानेक धर्म सम्मेलनों में भाग लिया। सन् 1972 में दादी जी ने संस्था का प्रतिनिधित्व विदेश, जापान में धर्म सम्मेलन से प्रारम्भ किया। संस्था की शाखाओं का विस्तार आपके ही मार्ग दर्शन से 140 देशों में हुआ। सन् 1981 में संस्था को संयुक्त राष्ट्र संघ में गैर सरकारी संस्था के रूप में शामिल किया गया। सन् 1984 में दादी जी अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप सहित 13 देशों में गये तथा अनेक सम्मेलनों में आपने भाग लिया। इसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा संस्था को पीस मेडल से सम्मानित किया। सन् 1987 में संस्था को संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा पीस मैसेन्जर अवार्ड प्रदान किया गया। सन् 1992 में दादी जी को मोहनलाल सुखड़िया विष्व विद्यालय उदयपुर द्वारा मानक डाक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। सन् 1993 में दादी जी के कार्य काल में युवा सद्भावना सायकल यात्रा के आयोजन भारत के आठ स्थानों से किया गया। सन् 2000 में 24 मुख्य शहरों से 24 ज्यार्तिंलिंगम रथ यात्रायें निकाली गईं। इस प्रकार कई अभियान जैसे कि मिलियन मिनिटस् आफ पीस, ग्लोबल कोआॅपरेशन फाॅर ए बेटर वल्र्ड, शांति और शुभभावना आदि चलाये गये। इंटरनेशनल ईयर फाॅर द कल्चर आॅफ पीस-मेनिफस्टो 2000 के अंतर्गत पूरे भारत में 3 करोड़ लोगों से फार्म भराये गये। आपके नेतृत्व में कई हेल्थ अवेयरनेय कम्पेन, एन्वायरमेन्ट अवेयरनेस कम्पेन, नषा मुक्ति अभियान के साथ अनेकानेक राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों का आयोजन किया गया। सन् 2001-2003 तक विश्व बन्धुत्व व सद्भावना को लेकर कई मेगा कार्यक्रम आयोजित किये गये। 25 अगस्त 2007 को दादी जी ने अव्यक्त वतन की राह ली। दादी जी के पुण्य स्मृति दिवस को विश्व बन्धुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है। महान तपस्विनी, कर्मठ, मृदु भाषी, स्नेह एवं शिक्षाओं का अतुलनीय संतुलन, दिव्य आभामण्डल के ओज से भरपूर, दूरदृष्टा तथा कुषल नेतृत्व ओरों को प्रदान करने वाली, ममता और करूणामयी दादी जी के 11 वीं पुण्य स्मृति दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित।

दादी जी का तो सदा यही कहना था, सदा ही एकनामी अर्थात् एक परमात्मा के अंत में खो जाओ और जीवन में सदा ही एकाॅनामी से चलना है, अर्थात् व्यर्थ समय और संकल्पों के साथ स्थूल संसाधनों की भी बचत करनी है।

NASHA MUKTI WEEK SAMAPAN 2018

नशा मुक्ति सप्ताह का समापन गेवरा दीपका में,
गेवरा-दीपका 2जुलाई2018ः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा राश्ट्रीय चिकित्सक दिवस एवं नषा मुक्ति सप्ताह पर साधना भवन गेवरा दीपका में आयोजित कार्यक्रम में डाॅ. अविनाश तिवारी उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नेहरू जन्म शताब्दी एस.ई.सी.एल, ने अपने संदेश में सभी को राश्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर अपनी शुभकामनायें दीं। डाॅ.एस. के चंदेरिया नेहरू जन्म शताब्दी एस.ई.सी.एल, ने कहा कि नालेज की कमी के कारण लोग नशे से मुक्त नहीं हो पाते और ही वह डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। यहांॅ उसके घर परिवार के लागों की विशेष भूमिका होती है कि मिलकर उस व्यक्ति की समस्या को हल करें। डाॅ. व्ही. एम. के. वर्मा एन.सी.एच दीपका ने कहा कि आज का यह अभियान समाज का एक आवश्यक पहलू है। नशा आज समाज की एक जटिल समस्या है, जिसके कारण अनेक लोगों की मौत हो रही है। व्यक्ति इसके कारण कई प्रकार के कैन्सर का, शिकार हो जाता है। जो जीवन को नारकीय बना देते हैं। डाॅ. एम.के विश्वास ने कहा कि जब नशे से कोई बीमारी होती है तो किसी अच्छे डाॅक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने कहा कि राजयोग का अभ्यास सभी प्रकार के नशे की कड़ी बीमारी से छुड़ाने की सामथ्र्य रखता है। हमारे पास ऐसे कई उदाहरण इसके ज्वलंत प्रमाण हैं। डाॅ. के.सी. देबनाथ संचालक अक्षय हास्पिटल कोरबा ने नशा मुक्ति सप्ताह की समीक्षा की प्रस्तुति दी। आपने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की समस्या को जन जागृति के माध्यम से कम कर सकती है और उससे होने वाली हानि को भी कम किया जा सकता है। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा नशे से पैसा भी बरबाद होता और अनेक पारिवारिक समस्यायें भी आ जाती हैं। श्रेष्ठ नर से नारायण बनने का नशा करें। मनुष्य से देवता बनने का नशा बिन पैसे खर्च का नशा है। इसके लिये राजयोग का अभ्यास चाहिए। भाई संतोष सार्थी ने अपने नशे के जीवन का अनुभव सुनाते हुए कहा कि वो भी समय था कि लोग मुझे आबारा, गुण्डा, शराबी, नशेड़ी के नाम से पहचानते थे। लेकिन राजयोगी बनने के बाद मैं कम्प्यूटर ट्रेनर के साथ, पढ़ा लिखा एक फोटो स्टूडियो का मालिक हूॅ। आज सभी लोग मुझे दिल से सम्मान देते हैं। इसके लिये मैं ब्रह्माकुमारीज् संस्थान का आभार मानता हूॅं और सदा के लिये उनका ऋणि रहूंगा। कु. आशा ने नृत्य की प्रस्तुति की। बहन रेणु तिवारी प्राचार्या आर.एन. पब्लिक विद्यालय दीपका ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा कु. कंचन बाला मौरे ने मंच संचालन किया। विषय-नशा नाश की जड़ पर आयोजित चित्रकला प्रतिस्पर्धा के परिणाम इस प्रकार हैंः- प्रथमः रिया कुमारी 10वीं स.शि.मं गेवरा। द्वितीयः जयदीप पटेल 9वीं डी.ए.वी विद्यालय गेवरा। तृतीयः जयदीप 9वीं सी.पी.एस.झाबर।
शा. हाई. स्कूल सतरेंगा में आयोजित कार्यक्रम धनीराम जायसवाल प्राचार्य, विरेन्द्र साहू शिक्षक, बहन सरोज, बहन मंजूला यादव, ब्रह्माकुमारी पूजा, ब्रह्माकुमारी सरस्वती ने नशा मुक्ति पर अपने विचार व्यक्त किये।
शा. उ.मा.वि. कोरकोमा में आयोजित कार्यशाला में बहन एस.कच्छप वाल्टर प्राचार्या, भ्राता पी.एल.टण्डन व्याख्याता, बहन डिम्पल रावल व्याख्याता पं. भ्राता के.वी.एस.एन.प्रसाद, भ्राता खगेष्वर सोनी ग्रामीण,ब्रह्माकुमारी वेदान्ती, कु. काजल षर्मा 12वीं ने भाग लिया।
शा.उ.मा.वि तिलकेजा में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम भ्राता एम.आर. श्रीवास प्राचार्य, भ्राता के.के.दुबे, भ्राता तिवारी जी, भ्राता महावीर राजपूत, ब्रह्माकुमारी रीतांजली ने अपने विचार नशा मुक्ति पर व्यक्त किये।
राजयोग केन्द्र जमनीपाली के कृश होम्योपेथिक क्लीनिक कोरबा द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।

NASHA MUKTI WEEK 2018 AND DOCTORS WEEK

डाक्टर्स दिवस पर सम्मान एवं स्नेह मिलन का आयोजन
1 जुलाई 2018ः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चिकित्सक सम्मान एवं स्नेह मिलन विष्व सद्भावना भवन में पष्चिम बंगाल के ़िद्वतीय मुख्यमंत्री डाॅ. विधान चन्द्र राय के प्रतिमा पर पुष्प माला अर्पित कर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर डाॅ. ए.जी.नंद, डाॅ. निर्मला नंद, डाॅ. यू. एस जायसवाल, डाॅ. एस.एस. सब्बरवाल, डाॅ. बी. पी. सिन्हा, डाॅ. के.सी.देबनाथ, डाॅ.डी.के.श्रीवास्तव एवं डाॅ. संजय अग्रवाल, का सम्मान कर ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन जी ने उपहार भेंट की। संसदीय सचिव के प्रतिनिधि भ्राता नरेन्द्र देवांगन ने सभी को सम्मानीय लखन देवांगन जी का संदेष सुनाते हुए षुभकामनायें दी। डाॅक्टर डी.के श्रीवास्तव ने अपने अनुभव को व्यक्त करते हुए कहा कि ईष्वर में विश्वास और उनकी साकाश से कई मरीजों के जख्म जल्दी भर जाते हैं। डाॅ. नागेन्द्र शर्मा ने कहा कि मैं उस ईश्वर का धन्यवाद देना चाहंूगा जिसने मुझे चिकित्सा व्यवसाय से जोड़ कर जन मानस की सेवा करने का अवसर दिया। आपने कविता पाठ करके जन समूह को भाव विभोर कर दिया। डाॅ. के.सी.देबनाथ ने कहा कि राजयोग अंतर्मन की अश्ठ षक्तियों को जागृत कर देता है और आत्मा के सात गुणों को जीवन्त कर देता है। जिससे आत्मा सुख षांति और शक्ति का अनुभव करती है। डाॅ. ए.जी.नंद ने कहा कि मानवता को कमाना, पैसा तो स्वतः आयेगा यह मंत्र मुझे मेरे पिता जी से मिला, आज भी मेरा ये प्रयास रहता है कि लोग मुझे अपने परिवार का सदस्य बनाकर मेरी बात को स्वीकार करें। रोगी में अज्ञानता होती है जो वह स्वयं की तकलीफ के कारणों को नहीं जानता। इसलिये डाॅक्टरर्स को विनम्रता पूर्वक स्नेह के साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। डाॅ. यू. एस. जायसवाल ने कहा कि हम लोगों ने एक गांव को गोद लिया हुआ है, वहां जाकर सप्ताह में दो दिन निःषुल्क ईलाज कर, दवा देते हैं। डाॅ. एस.एस. सब्बरवाल ने डाॅ. विधान चन्द्र राय के जीवन वृत्त पर प्रकाष डाला। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा कि डाॅक्टर को लोग भगवान का स्वरूप मानते हैं। वे शरीर का इलाज तो करते ही हैं लेकिन उन्हें राजयोगी बन कर मन के ईलाज की कला भी सीखनी चाहिए। डाॅ. बी.पी.सिन्हा ने आयुर्वेद की चिकित्सा पर प्रकाष डाला। ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने राजयोग से गहन षांति की अनुभूति कराई। डाॅ. संजय अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया और भ्राता शेखर राम ने मंच संचालन किया।
ब्रह्माकुमारीज, साधना भवन गेवरा दीपका मे आयोजित कार्यक्रम में डाॅ.व्ही एम के वर्मा, डाॅ.एस. के चंदेरिया नेहरू जन्म षताब्दी एस.ई.सी.एल, तथा डाॅ. एम.के विश्वास, डाॅ.के.सी. देबनाथ का सम्मान पुष्प एवं उपहार देकर ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने किया।

NASHA MUKTI WEEK 2018 AND KABIR JAYANTI

DB (1)

संत कबीरदास प्राकट्य दिवस पर गोष्ठी
बाल्को 29.06.2018-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान में रामलीला मैदान बाल्को में कबीर प्राकट्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संत दास राम पड़वार के साथ उपस्थित लोगों ने संत कबीरदास जी की आरती की। संत दास राम पड़वार जी अपने उद्बोधन में कहा कि संत गुरू सिरोमणि कबीर साहेब जी का मानव जगत में अवतरित होना और अपने पूरे काल समय तक उनके द्वारा दिये गये संदेशों के लिये मैं कहना चाहूंगा कि मानव संस्कृति के आज तक के इतिहास में कबीर साहेब जैसा अभूतपूर्व व्यक्तित्व दूसरा कोई महापुरूष अवतरित नहीं हुआ। भ्राता शैलेन्द्र शर्मा वरिष्ठ शिक्षक आदर्श उ.मा.वि.बाल्को ने कहा कि मानव जगत में सम्पूर्ण विशमताओं को मिटाकर एक सामंजस्य स्थापित करने, संत कबीर एक पीर के रूप में आये और ढाई आखर प्रेम का पाठ सबको पढ़ाया। भ्राता पी.डी. महंत ने कहा कि कबीर जी में जैसा देखा वैसा कहने की हिम्मत थी। भ्राता शेखर राम अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता ने कहा कि संत कबीर जी ने एक निराकार राम की उपासना पर बल दिया और संसार में छाये अंधविश्वास और कर्मकाण्ड को छोड़ने के लिये कहा।
नषा मुक्ति सप्ताह के अंतर्गत लगाई गई चित्र प्रदर्षनी से डाॅ. के.सी. देबनाथ एवं अनीश षर्मा के द्वारा लोगों में नशा न करने के लिये जन जागृति लाई गई। ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने सभी को नशा मुक्त होने के लिये राजयोग प्रशिक्षण के लिये सेक्टर 6 बाल्को में आने के लिये आमंत्रित किया।

NASHA MUKTI WEEK 2018 – CHURI, CHUYA

DJ (1)

नशा मुक्ति सप्ताह में अनेकानेक कार्यक्रम का आयोजन
कोरबा 26.06.2018-प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वावधान में विष्व सद्भावना भवन कोरबा में मातेष्वरी जगदम्बा के स्मृति दिवस पर बहन उर्मिला गुप्ता मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कोरबा, भ्राता रामकुमार साहू अपर महाप्रबंधक एन.टी.पी.सी, अविनाष तिवारी मुख्य चिकित्साधिकारी एन.सी.एच, एस.ई.सी.एल. कोरबा, डाॅ. नागेन्द्र षर्मा, डाॅ. के.सी. देबनाथ, भा्रता बी.पी.अग्रवाल वरि. प्रबंधक एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में नशा मुक्ति सप्ताह का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन करके किया गया। नशा मुक्ति सप्ताह के अंतर्गत विषय नशा नाश की जड़ पर चित्रकला प्रतिस्पर्धा, परिचर्चा एवं अनेकानेक जन जागृति कार्यक्रम कई स्थानों पर आयोजित किये जायेगें।
26 जून विश्व नशा निवारण दिवस के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर छुर्री में आयोजित कार्यक्रम में भ्राता प्रमोद तिवारी प्राचार्य ने बड़े ही प्रेरणादायी षब्दों में कहा कि अंचल को नषा मुक्त बनाने के लिये अनेकानेक कार्यक्रम अनेक संस्थानों से मिल कर आयोजित किये जायेंगें जिसमें रैलियां आदि निकाली जायेगी। ब्रह्माकुमारी पूजा ने कहा कि नषा तन, मन, धन, संबधों आदि सभी को नष्ट कर देता है। ब्रह््माकुमारी जानकी ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है। नशे की लत से छुटकारा पाने के लिये हमें स्वयं ही प्रयास करना होगा। डाॅ. के.सी.देबनाथ एम.डी. ने नषे से होने वाली अनेकानेक बीमारियों पर प्रकाश डाला। नषे से मस्तिश्क की कार्यप्रणाली का अनियंत्रण होना, पेन्क्रीअस को हानि, यकृत को हानि -सिरासिस, अमासय में छाले, रक्तचाप का बढ़ना आदि कई बीमारियों का व्यक्ति षिकार हो जाता है।
शा.पूर्व मा. वि. चुईया में विद्याथियों ने समूह बनाकर घर घर जाकर अंचल को नषा मुक्त बनाने का संकल्प लिया। भ्राता टी.आर मेहरा प्रधान पाठक ने कहा कि संगठित रूप से बच्चों की यह अपील निष्चित ही लोगों के लिये पे्ररणादायी होगी। क्योंकि बच्चों से सभी का बहुत प्यार होता है। बाबूलाल कंवर ग्रामीण, सरपंच परिवार ने कहा कि बच्चों का यह समूह अकेला नहीं है, हम सभी भी इनके साथ हैं। नषे के कारण बढ़ती बुराई का सामना करने के लिये हम सबको आगे आना होगा। ब्रह्माकुमारी सुनीता ने कहा कि जब जीवन को श्रेश्ठ बनाने का नारायणी नषा होगा तो सभी नषे स्वतः ही विदाई ले लेंगें। आपने सभी को राजयोग का अभ्यास कराया। बहन प्रेरणा राही शिक्षिका ने कार्यक्रम का संचालन किया। बच्चों के द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं अनेक प्रकार की प्रस्तुति दी गई।

बच्चों का नषा मुक्ति समूहः
बालक-शिवनाथ, यशवंत, पुरंजन, हरीश, आकाश, गोकरण, भवानी।
बालिका-मान कंुवर, सरोजनी, मेंहन्दी, निशु, शीतल, मधु, प्रियंका।

MATESHWARY JAGDAMBA SMRUTI DIVAS 2018

MM (1)

24 जून पुण्य स्मृति दिवस
प्रथम प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा को श्रद्धा सुमन अर्पित
कोरबाः24.06.2018- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विष्व विद्यालय की प्रथम प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा की पुण्य स्मृति दिवस को विष्व सद्भावना भवन के सभागार कोरबा में मनाया गया। बहन हिमांषु जैन द्वितीय अपर एवं सत्र न्यायधीश, बहन उर्मिला गुप्ता मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कोरबा, डाॅ. भ्राता जे पी ़िद्ववेदी महाप्रबधक एस.ई.सी.एल कोरबा, भ्राता रामकुमार साहू अपर महाप्रबंधक एन.टी.पी.सी, अविनाश तिवारी मुख्य चिकित्साधिकारी एन.सी.एच, एस.ई.सी.एल. कोरबा, एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। बहन उर्मिला गुप्ता मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी कोरबा ने कहा कि मानव सेवा ही ईश्वरीय सेवा है। हर प्राणी के प्रति दया भाव होना चाहिए। आपने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाने में वृक्षों की एक बड़ी भूमिका है, जोकि जल का संचय करते हैं। सभी आज के दिन वृक्ष लगाने का संकल्प लें और उसका संरक्षण करें। इसके साथ उपभोक्तावादी नीति को न अपना कर अध्यात्म की राह पर चल कर, अपनी आवश्यकतओं को सीमित करें तभी आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ पर्यावरण दे सकेगें। यही मातेश्वरी जगदम्बा को सच्ची श्रद्धाजलि होगी। भ्राता जे पी ़िद्ववेदी महाप्रबधक एस.ई.सी.एल कोरबा ने कहा यह सभी को मालूम है कि देवी शक्ति उपस्थित है, बिना उसके कुछ भी नहीं चल सकता। कोई भी शक्ति चलायमान है, तो उसे शक्ति की आवश्यकता होती है। डाॅ. नागेन्द्र शर्मा ने कहा कि स्मृति दिवस हम सबका मनाते है, लेकिन आज हम मातेष्वरी जी की पुण्य स्मृति दिवस मना रहें हैं, जो ज्ञान, शक्ति और आर्शीवाद आज भी हम सभी को प्रदान कर रहीं हैं। भ्राता रामकुमार साहू अपर महाप्रबंधक एन.टी.पी.सी ने कहा कि 1937 में परमात्मा ने प्रजापिता ब्रह्मा दादा लेखराज को यह प्रेरणा दी कि विश्व परिवर्तन का कार्य नारी शक्ति के द्वारा ही आगे बढ़ेगा और आज ब्रह्माकुमारी संस्था की मातायें बहनें, 140 देषों में समर्पित भाव से शांति दूत बनकर, मानव उत्थान का कार्य कर रहीं हैं। भ्राता बी.पी.अग्रवाल वरि. प्रब्रधक एन.टी.पी.सी ने कहा कि मातेश्वरी के आशीष वचन और पद चिन्हों पर चलें तो यही मातेष्वरी के लिये सच्ची श्रद्धान्जली होगी। डाॅ. के.सी देबनाथ, संचालक अक्षय हास्पिटल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। भ्राता शेखर राम ने मंच का संचालन किया। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने सभी को प्यार से ब्रह्मा भोजन स्वीकार कराया। बहन लवलीन, बहन चम्पा और भ्राता शांतिलाल ने भजन की प्रस्तुति दी।
मातेश्वरी जगदम्बा की विशेषतायेंः-
1.मातेश्वरी शक्ति स्वरूपा बन सभी की पालना करती थीं।
2. वे बहुत निर्भीक और दूरदर्शी थीं।
3.वे सभी को मातृ प्रेम की भासना देती थीं।
4. वे आयु में छोटी थीं लेकिन वे सभी को सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर देती थीं।
5. वे हर ईश्वरीय आज्ञा को सद्गुरू का आदेश मानती थीं।
6. उनमें संगठन को चलाने की शक्ति थी, उनमें सबको साथ लेकर चलने की कुशल कला थी।
7. वे कुशाग्र बुद्धि और मिलनसार थीं।