KORBA: HON CABINET MINISTER JAYSINGH AGRAWAL

 

 

                                     अपनापन और परिवार की भासना आती है…..जयसिंह
विश्व सद्भावना भवन कोरबा में आयोजित सम्मान समारोह में अपने विचार व्यक्त करते हुए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन केबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ षासन मान्नीय जयसिंह अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विश्व विद्यालय के परिसर में आने से परिवार और अपनेपन की भासना आती है। मेरा तो अनुभव है कि जब जब में जन प्रतिनिधि की सेवा के लिये आगे आया हूॅं तो मैंने बाबा की आर्शीवाद लेने के लिये अवश्य यहांॅ आया हूॅ और मुझे यहां से विषेश षक्ति और मनोबल की प्राप्ति हुई है। भ्राता महेश भावनानी विल्डर्स कोरबा ने कहा कि उर्जावान व्यक्त्तिव को चुनकर जनता ने तीसरी बार लाया है, तो कोरबा नगरी को आवष्यक सुविधायें उपलब्ध कराने का आपका कर्तव्य कर बन जाता है, जिसके प्रति आप पहले से ही सजग हैं। भ्राता डाॅ. के. सी. देबनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन का उत्तरदायित्व जो आपको मिला है इस पर समय समय पर आम जनता को सजग और जाग्रत करना पड़ेगा। इसके लिये प्रषिक्षण और परिचर्चा की आवष्यकता है। डाॅक्टर्स का समूह तो हमेशा ही इसके के लिये तैयार रहता है। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने साल और पगड़ी पहनाकर तथा श्रीफल भेंट कर आपका सम्मान किया। आपने कहा कि भैय्या हमेशा ही हमारे निमंत्रण को स्वीकार करते हैं और आपका हमेशा ही हमें सहयोग मिलता रहता है। जब आप साडा अध्यक्ष थे तो आपने इस मार्ग को ब्रह्माकुमारी मार्ग के नाम से नामांकन किया था और इसके पश्चात् अनेक प्रकार से संस्था के कार्य के प्रति आप सहयोगी बने हैं। इसका मैं ईश्वरीय परिवार की तरफ से कृतज्ञता और धन्यवाद ज्ञापित करती हूॅ। भ्राता शेखर राम अति. शा. अभिभाषक ने कहा कि सुविधायें तो अनेक हो सकती हैं लेकिन रोड और डस्ट के प्रति कोरबा नगरी में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

NASHA MUKTI SAPTAH 30 JAN-5FEB2019

   नशा-मुक्ति सप्ताह में अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वाधान में नशा-मुक्ति सप्ताह का शुभारम्भ विश्व सद्भावना भवन टी पी नगर कोरबा में कोरबा में दीप प्रज्जवलित करके किया गया। विशयः नशे की शान जीवन परेशान पर आयोजित परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए डाॅ के.सी.देबनाथ ने कहा कि नशे को शान समझ लोग नशे के भंवर में फंस जाते हैं लेकिन इसका अंतिम परिणाम बीमारी, कैन्सर और मौत ही है। भ्राता राजन पटेल ने कहा कि मैं एक कोयला परिवहन करने वाला एक ट्रक ड््राईवर हूॅ। हमारी जीवन शैली में नशा एक फैशन ही है और मैं भी नशे का आदि हो गया था। सभी मुझसे परेशान थे। ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़कर मुझे नशा को त्याग करने का मनोबल प्राप्त हुआ। पहले मैं पीता भी था और तम्बाकू भी खाता था, लेकिन अब मैं सम्पूर्ण नशा मुक्त हूॅं। भ्राता अहमद खान ने कहा कि नशा करने को लोग शान समझते हैं। नशा एक आधुनिक जमाने का फैशन बनता जा रहा है। जिससे युवा नशे के प्रभाव में फंसते जा रहें हैं। भ्राता डाॅ बी.पी. सिन्हा ने कहा कि अपने ही घर परिवार से छोटे छोटे प्रयास करने से ही हमारा समाज नशा मुक्त बन सकेगा। भ्राता पन्नालाल साहू हमें अपनी नींव को मजबूत करने के लिये समाज में जो छोटे बच्चे हैं, उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारी सारिका ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की एक कल्पना थी कि भारत देश में रामराज्य की स्थापना हो। आज दुनिया में नशे से सभी परेशान हैं और पढ़े-लिखे लोग इस व्यसन की बीमारी से अधिक ग्रस्त हैं। यह एक विचारणीय विशय है। युवा अनीश शर्मा, संतोश शर्मा, भ्राता कौशल शिक्षक, बहन रश्मि शर्मा, बहन सुनीता शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
मेला ग्राउण्ड कटघोरा में ब्रह्माकुमारी के द्वारा शिव दर्शन भव्य झांकी में आयोजित नशा मुक्ति कार्यशाला में संत मनबोध सिंह ग्राम मनगंवा, जलके ने कहा कि मैं पहले बहुत नशा करता था। मुझे ऐसी ईश्वरीय प्रेरणा मिली तो मेरा नशा भी छूट गया और अब मैं बहुत खुशी से जीवन व्यतीत कर रहा हूॅ। भ्राता आर.जे.जायसवाल सेवानिवृत प्रभारी प्रधान पाठक जुराली ने कहा कि बच्चे तो नादान होते हैं उनसे नशा छुड़ाने के लिये प्यार और संयम से व्यवहार करना चाहिए। बहन सुमन सिंह शिक्षिका, बहन श्रेया भोंसले 11वीं, तथा हर्ष उपाध्याय 11वीं डी.ए.वी. विद्यालय जुराली कटघोरा, भ्राता दीपक गर्ग षिक्षक , भ्राता कमल कर्माकर, भ्राता शेखर राम ने विचार व्यक्त किये। ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन उपस्थित जन समूह को झांकी में बने 15फुट उंचे भव्य शिव लिंग को साक्षी रखते हुए नशा मुक्त होने का संकल्प कराया तथा सभी को अमरनाथ गुफा और द्वादस ज्यार्तिलिंग झांकी का अवलोकन कराया। आपने अंचल वासियों को झांकी अवलोकन के लिये आमंत्रित किया।
विद्यालयों में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में बहन चन्दना पाल प्राचार्या षा.उ.मा.वि. एन.सी.डी.सी, बहन शोभना टोप्पो प्रधान पाठिका पूर्व मा. विद्यालय राताखार, बहन गीता गुप्ता प्रधान पाठिका शा. प्रा. शाला राताखार ने अपने विचार व्यक्त किये। ग्राम कोरकोमा में नषा मुक्ति के लिये जन जागृति लाई गई।

ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आबूपर्वत

खुशियों का बिग बाजार शिविर का शुभारम्भ 09-11 जन.2019
ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आबूपर्वत के सानिध्य में त्रिदिवसीय सुपर माईण्ड-सुपर फ्यूचर, खुशियों का बिग बाजार शिविर के प्रातः कालीन सत्र का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित करके गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया। डाॅ.पी.एस. सिसोदिया जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा ने कहा कि कोरबा एक ऐसा अद्भुत शहर है जहां तनाव एक जीवन का हिस्सा बन गया है। वैसे हम अंधकार की परिभाषा प्रकाश का न होने से कर सकते हैं। आपके अंतःकरण में अनंत खुशियां व्याप्त हैं जिसको उभारने के लिये कोई मार्गदर्शक व प्रशिक्षक की आवश्यकता होती है। आज हमारे बीच उपस्थित शक्तिराज भाई हम सभी को उस रास्ते का मार्ग दर्शन करेंगे। डाॅ. के सी देबनाथ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बड़े ही हर्श की बात है कि माउण्ट आबू से शक्तिराज भाई अपार खुशियों का बिग बाजार लेकर हमारे बीच आये हैं, हम कोरबावासी उनका हृदय से स्वागत करते हैं। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा कि मन की खुशी का आधार राजयोग का अभ्यास है। जितना आप स्वयं की आत्मिक स्थिति में स्थित होगें उतना ही देह और देह के संसार से उपराम होकर आत्मिक सुख और खुशी का अनुभव कर सकेगें। ब्रह्माकुमार शक्तिराज सिंह आबू पर्वत ने कहा कि खुशी के लिये काई रास्ता नहीं है, लेकिन खुशी स्वयं ही एक मार्ग है। हम इंतजार करते रहते हैं कि कार्य में सफलता होगी, वस्तु वैभव सम्पदा होगी तो हम खुशी का अनुभव करेंगें। संसाधन की उपलब्धता आराम अवष्य देती है, लेकिन खुशी नहीं। खुशी दुआओं से प्राप्त होती है। खुशी मन की संतुष्टता से प्राप्त होती है। वैसे तो हमारी आंखों के सामने सभी रंग उपलब्ध होते हैं लेकिन हमें वही रंग दिखलाई पड़ता है जिसका हम चुनाव करते हैं। जैसे हमने पीले रंग का चुनाव किया तो हमें पीले रंग से निर्मित वस्तुयें ही दिखलाई देंगी। 99 क्लब का मेम्बर बनने से हमारी सारी शक्तियां, उस एक को खोजने में समाप्त हो जाती हैं, जो हमारे पास नहीं है। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि जो वस्तु वैभव सम्पदा उपलब्ध हैं, उनका सुख लें और जो नहीं हैं उनका मातम नहीं मनायें। इच्छायें मृगतृष्णा के समान हैं जो मन की भटकन को पैदा करती है। आपने कहा कि मैं कोई खुशी की कहानी सुनाने नहीं आया हूॅं लेकिन सभी को अंतःकरण में छिपी खुशी के अम्बार खजाने का अनुभव कराने आया हूॅं। अपने भीतर जाईये तो भी आप तर जायेंगें। आपने कोरबा नगरवासीयों को निःषुल्क शिविर का लाभ लेने का निमंत्रण दिया। कु. नेहा वर्मा ने स्वागत गीत, कु. निषा ने स्वागत नृत्य तथा मंच का संचालन शेखरराम ने किया।

GURU GHASIDAS JAYANTI 18 DECEMBER

 संत गुरू घासीदास जयंति पर राजयोग प्रशिक्षण बलगी में
संत गुरू घासीदास जयंति के अवसर पर जैतखाम परिसर में आयोजित समारोह में ब्रह्माकुमारी बिन्दु बहन ने कहा समय समय पर धर्म की रक्षा के लिये संत पुरूशों का जन्म इस धरा पर होता है। आपसी भेदभाव को भाईचारा लाना ही सच्ची मानवता है। जीव हत्या और मांसाहार से दूर रहकर सत्य के मार्ग पर चलना ही सत्यता की दीपक को जगाना है। वैसे तो हम सभी एक परमपिता की संतान आत्मिक नाते से आपस में भाई भाई है। रीति, रश्म-रिवाज और कार्यशैली की भिन्नता ही धर्म और जाति पांति की दीवारें खड़ी करती है। संत गुरू घासीदास नजरों में मनखे मनखे एक समान अर्थात हर आत्मा रूपी मणि की चमक अपनी और विशेषता अपनी है। सतगुरू जी की शिक्षाओं में नशा, चोरी, जुआ, व्यभिचार, से दूर सतनाम् पर विश्वास रखना ही सच्चा धर्म है। बाहरी आडम्बर व दिखावा पर उनका विश्वास नहीं था। ब्रह्माकुमारी भारती बहन ने कहा कि राजयोग का प्रशिक्षण सच्ची मानवता को धारण कर देव तुल्य बनना है। सत्यता की धारणा में शक्ति है। सत्य मार्ग पर चलना कठिन हो सकता है, लेकिन सत्यता का प्रकाश पार ले जाने वाला है। कहते भी हैं कि सत्यता की नांव हिलती डुलती हिलोरें खाती है, लेकिन डूबती नहीं है। सत्यता को स्वयं ही सिद्धी प्राप्त होती है जोकि समय आने पर स्वयं प्रत्यक्ष हो जाती है। सत्यता स्व प्रकाशित मणि है, जिसे किसी भी प्रकार के बादल ढ़क नहीं सकते। वर्तमान समय में परमपिता शिव परमात्मा इस धरा पर अवतरित होकर इस कलियुगी दुनिया को परिवर्तन कर सतयुग की स्थापना कर रहें हैं। एवं सबका भाग्य निर्माण कर रहें हैं। आप सभी भी ईश्वरीय ज्ञान प्राप्त करने के लिये सादर आमंत्रित हैं। सत्संग प्रार्थना में गणेष सोनवानी, डेलूराम मनहर, दशरथ डेहरे, पार्वती लहरे एवं अनेक लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर बलगी में क्वार्टर क्रं सी-1 में राजयोग प्रशिक्षण का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित कर किया गया। भ्राता विजय कुमार सिंह प्रबंधक एस.ई.सी.एल बलगी ने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि बलगी में ब्रह्माकुमारी बहनों के द्वारा यह शुभ कार्य प्रारम्भ हो रहा है, जिस ज्ञान से हम सभी लाभान्वित होगें। अभियंता भ्राता ओषांक ने कहा कि यहां पर राजयोग के अभ्यास से आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। भ्राता अयोध्या प्रसाद लहरें ने कहा कि इस अवसर पर राजयोग केन्द्र की स्थापना से लोगों को सत्य मार्ग पर चलने की शक्ति मिलेगी।