SENIOR CITIZEN AND VEGETARIAN DAY 1 OCT2018

वृद्धजन सम्मान एवं शाकाहार पर परिचर्चा आयोजित
1.प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के विश्व सद्भावना भवन के सभागार में आयोजित स्नेह मिलन में 1अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध सम्मान दिवस पर उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान मुकुट पहनाकर एवं उपहार में चादर और श्रीफल देकर किया गया।
2. ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी हेमा बहन इंदौर ने कहा कि वृद्धजन तो अनुभवों की खान, एक पके हुए मीठे फल की तरह होते हैं। उनके आर्शीवाद से जीवन में प्रगति और निखार आता है।
3. मो. अब्दुल गफ्फार खान ने स्वरचित कवितायें सुनाकर सबका मन मोह लिया। आपने कहा कि वर्तमान में बच्चों को शिक्षा अपने व्यवहार से ही देना चाहिए। यह कहावत तो मषहूर है कि बोया बीज बबूल का तो आम कहां से होए। बचपन जो प्यार, सम्मान हम अपनी अहंमियत के साथ बच्चों से करते हैं, वही जब हमें वृद्ध अवस्था में मिलता है तो रोना आता है।
4. भ्राता जी. एल. शर्मा सेवानिवृत प्रबंधक एच. आर बाल्को ने कहा कि दूरदर्शी बन एक आदर्श माॅं बाप को अपने बच्चों को समय जरूर देना चाहिए और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। आपने गीता ज्ञान पर भी प्रकाश डाला।
5.विश्व षाकाहार दिवस पर विषय शाकाहार, श्रेष्ठ आहार पर आयोजित परिचर्चा में भ्राता कमल कर्माकर सेवानिवृत महाप्रबंधक बाल्को ने कहा कि मैंने जबसे शाकाहार के साथ मेडिटेशन करना प्रारम्भ किया है, तो मुझे कई बीमारी जैसे मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव आदि पर नियंत्रण प्राप्त हुआ है।
6.डाॅ. के. सी. देबनाथ, अक्षय हास्पिटल ने कहा कि मेरा यह अनुभव है कि जो शाकाहारी जीवन अपना रहें हैं उनमें बीमारियों पर नियंत्रण करना आसान हो गया है। आपने कहा कि एक स्थान नोकिकुआ ऐसा भी है जहांॅ अधिक उम्र के लोग रहते हैं वे सभी शाकाहारी हैं और वे लहसुन प्याज का भी सेवन नहीं करते हैं। प्रकृति की रचना का यदि हम अवलोकन करें तो धरती पर विभिन्न प्रकार के प्राणी हैं। घोड़ा, हाथी, गाय, बकरी आदि शाकाहारी हैं और शेर, चीता, लकड़बग्घा आदि मांसाहारी हैं। दोनों के व्यवहार में एक बहुत बड़ा अंतर है। मांसाहार खाने वालों में जैसे स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर, कैन्सर, कोलेस्ट्राल आदि बीमारियों की अधीकता होती है।
7.ब्रह्माकुमारी अनिता बहन ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्मा के वृद्ध तन का ही आधार कलिकाल के अंत में शिव पिता परमात्मा लेते हैं, जिससे ही नई सृष्टि सतयुगी दुनिया की स्थापना होती है, वर्तमान समय ब्रह्माकुमारीज का यह संगठन इतना विशाल होता नजर आ रहा है उसकी धरोहर कहीं बुजुर्ग ब्रह्मा बाबा के प्यार सम्मान और दुलार से प्रारम्भ होती है। यह संगठन सम्पूर्ण रूप से शाकाहार पर अवलम्बित है। बहन लवलीन ने कविता पाठ किया। बहन नेहा स्वागत गीत की प्रस्तुति की। मंच का संचालन के बहन ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने किया।

मानवीय सेवा में, ब्रह्माकुमारी रूकमणी