NASHA MUKTI SAPTAH 30 JAN-5FEB2019

   नशा-मुक्ति सप्ताह में अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के तत्वाधान में नशा-मुक्ति सप्ताह का शुभारम्भ विश्व सद्भावना भवन टी पी नगर कोरबा में कोरबा में दीप प्रज्जवलित करके किया गया। विशयः नशे की शान जीवन परेशान पर आयोजित परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए डाॅ के.सी.देबनाथ ने कहा कि नशे को शान समझ लोग नशे के भंवर में फंस जाते हैं लेकिन इसका अंतिम परिणाम बीमारी, कैन्सर और मौत ही है। भ्राता राजन पटेल ने कहा कि मैं एक कोयला परिवहन करने वाला एक ट्रक ड््राईवर हूॅ। हमारी जीवन शैली में नशा एक फैशन ही है और मैं भी नशे का आदि हो गया था। सभी मुझसे परेशान थे। ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़कर मुझे नशा को त्याग करने का मनोबल प्राप्त हुआ। पहले मैं पीता भी था और तम्बाकू भी खाता था, लेकिन अब मैं सम्पूर्ण नशा मुक्त हूॅं। भ्राता अहमद खान ने कहा कि नशा करने को लोग शान समझते हैं। नशा एक आधुनिक जमाने का फैशन बनता जा रहा है। जिससे युवा नशे के प्रभाव में फंसते जा रहें हैं। भ्राता डाॅ बी.पी. सिन्हा ने कहा कि अपने ही घर परिवार से छोटे छोटे प्रयास करने से ही हमारा समाज नशा मुक्त बन सकेगा। भ्राता पन्नालाल साहू हमें अपनी नींव को मजबूत करने के लिये समाज में जो छोटे बच्चे हैं, उन्हें जागृत करने की आवश्यकता है। ब्रह्माकुमारी सारिका ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की एक कल्पना थी कि भारत देश में रामराज्य की स्थापना हो। आज दुनिया में नशे से सभी परेशान हैं और पढ़े-लिखे लोग इस व्यसन की बीमारी से अधिक ग्रस्त हैं। यह एक विचारणीय विशय है। युवा अनीश शर्मा, संतोश शर्मा, भ्राता कौशल शिक्षक, बहन रश्मि शर्मा, बहन सुनीता शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
मेला ग्राउण्ड कटघोरा में ब्रह्माकुमारी के द्वारा शिव दर्शन भव्य झांकी में आयोजित नशा मुक्ति कार्यशाला में संत मनबोध सिंह ग्राम मनगंवा, जलके ने कहा कि मैं पहले बहुत नशा करता था। मुझे ऐसी ईश्वरीय प्रेरणा मिली तो मेरा नशा भी छूट गया और अब मैं बहुत खुशी से जीवन व्यतीत कर रहा हूॅ। भ्राता आर.जे.जायसवाल सेवानिवृत प्रभारी प्रधान पाठक जुराली ने कहा कि बच्चे तो नादान होते हैं उनसे नशा छुड़ाने के लिये प्यार और संयम से व्यवहार करना चाहिए। बहन सुमन सिंह शिक्षिका, बहन श्रेया भोंसले 11वीं, तथा हर्ष उपाध्याय 11वीं डी.ए.वी. विद्यालय जुराली कटघोरा, भ्राता दीपक गर्ग षिक्षक , भ्राता कमल कर्माकर, भ्राता शेखर राम ने विचार व्यक्त किये। ब्रह्माकुमारी पुष्पा बहन उपस्थित जन समूह को झांकी में बने 15फुट उंचे भव्य शिव लिंग को साक्षी रखते हुए नशा मुक्त होने का संकल्प कराया तथा सभी को अमरनाथ गुफा और द्वादस ज्यार्तिलिंग झांकी का अवलोकन कराया। आपने अंचल वासियों को झांकी अवलोकन के लिये आमंत्रित किया।
विद्यालयों में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में बहन चन्दना पाल प्राचार्या षा.उ.मा.वि. एन.सी.डी.सी, बहन शोभना टोप्पो प्रधान पाठिका पूर्व मा. विद्यालय राताखार, बहन गीता गुप्ता प्रधान पाठिका शा. प्रा. शाला राताखार ने अपने विचार व्यक्त किये। ग्राम कोरकोमा में नषा मुक्ति के लिये जन जागृति लाई गई।

ENERGY CONSERVATION WEEK 14 DEC 2019

                          ऊर्जा संरक्षण कार्यशाला एवं रैली का आयोजन
विश्व सद्भावना भवन कोरबा में आयोजित ऊर्जा संरक्षण अभियान के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन किया गया। ऊर्जा संरक्षण जन जाग्रति रैली भी निकाली गई। डाॅ. बी.पी.सिन्हा वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक उम्र 80 वर्ष ने कहा कि आंतरिक ऊर्जा का संरक्षण करने के लिये स्वयं की दिनचर्या पर ध्यान देना आवश्यक है। मैं आज भी ठण्डे पानी से नहाता हूॅं और आसन प्राणायाम भी मेरे जीवन का अंग है। आज भी मैं स्वस्थ हूॅं। मैं अपने सभी कार्य स्वयं करता हूं और पैदल भी चलता हूॅं। डाॅ. के.सी देबनाथ ने कहा कि साईकिल चलाने से शरीर की आंतरिक ऊर्जा बढ़ती है और व्यक्ति स्वस्थ रहता है। साईकिल चलाने से वी.पी. और शुगर पर भी नियंत्रण प्राप्त होता है। दिल के दौरे से भी दूर रहने का यह एक अच्छा साधन है। डाॅ. एस.एस. सब्बरवाल ने कहा कि शारीरिक व्यायाम से शरीर तो स्वस्थ होता ही लेकिन इसका प्रभाव मन भी पड़ता है। ऊर्जा की बचत के लिये लोगों को स्वयं ही स्वयं से जागृति लाने की आवश्यकता है। युवा अनीश शर्मा ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिये जो ऊर्जा संकट मण्डरा रहा है। उसके लिये सजग होना आवश्यक है। युवाओं में ऊर्जा संरक्षण लाने के लिये जगह जगह पर गाष्ठियां करना चाहिए। ब्रह्माकुमारी लीना बहन ने कहा कि संयम-नियम जीवन की शोभा है। आत्म-संयम से मन और शरीर दोनों ही स्वस्थ रहते हैं। ऊर्जा की बचत करने के लिये साधन और संसाधनों का उतना ही उपयोग करें जितना आवश्यक हो। राजयोग के अभ्यास से मन में व्यर्थ संकल्पों पर नियंत्रण की शक्ति प्राप्त होती है और मानसिक ऊर्जा भी बढ़ती है। बहन रश्मि शर्मा ने कहा कि बिजली की बचत ही बिजली का उत्पादन है। प्रातःकाल उठने पर घर में जो भी अनावश्यक बिजली जल रही है उसे बंद कर देना चाहिए। सोलर संयंत्र पानी गर्म करने के लिये उपयोग करें तो अच्छा होगा। साईकिल रैली द्वारा कोरबा से कोरकोमा तक ऊर्जा संरक्षण के लिये ग्रामीण अंचल में जन जाग्रति लाई गई।

NASHA MUKTI WEEK 2OCT TO 8 OCT 2018

नशा-मुक्ति सप्ताह 2से 8 अक्टूबर 2018 तक

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती

1.राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर जिला प्रशासन और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में नशा मुक्ति सप्ताह के अंतर्गत अंचल में अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित किये गये।
2. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के विश्व सद्भावना भवन के सभागार में नशा मुक्ति सप्ताह 2से 8 अक्टूबर तक का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलन करके किया गया। बहन कमलजीत कौर प्राचार्य के.एन. कालेज ने कहा मैंने गांधी जी का जीवन दर्शन का अध्ययन बहुत गहराई से किया है। यह सत्य और अहिंसा का शस्त्र होने के साथ साथ आत्मज्ञान का विज्ञान भी है। बापू जी का कहना था कि मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान है और अहिंसा उसे पाने का साधन। भ्राता योगेश जैन पार्षद वार्ड क्र. 13 नगर पालिक निगम कोरबा ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मेरे वार्ड में ब्रह्माकुमारीज की संस्था है और समय प्रति समय मुझे भी वे सेवा का अवसर देती रहती हैं। बहन मनोरमा शर्मा पूर्व पार्षद ने कहा कि आज मैं इस पावन अवसर पर स्वयं को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेती हूॅं। बहन मधु पाण्डेय वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि बच्चों को हर सम्भव प्रयास करके नषे के वातावरण से बचाना चाहिए। यदि उसकी कोई शिकायत है तो उसे प्यार से समझाना चाहिए। बहन इंदु शर्मा अध्यक्ष ममत्व प्रसार समिति गौ-मुखी सेवाधाम देवपहरी ने कहा कि बापू जी को सच्ची श्रद्धांजली तभी होगी जब हम बाह्य स्वच्छता के साथ-साथ आंतरिक स्वच्छता को अपनायें। स्वयं के मन को मंदिर बनायें और नशे से दूर रहें। डाॅ. के.सी देबनाथ अक्षय हास्पिटल ने कहा कि तम्बाकू में 400 रासायनिक तत्व शरीर को नुकसान पंहुचाते हैं। जिसमें निकोटिन ऐसा पदार्थ है जो लत पैदा करता है। पोटेशियम सायनाईड के बाद निकोटिन सबसे जहरीला पदार्थ है, जो कि घातक बीमारी कैन्सर का कारण बनता है। बहन पापिया चतुर्वेदी प्रोफेसर मिनीमाता शा. कन्या महाविद्यालय ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी ने नारी शक्ति को जागृत किया। नारियां चार दीवारी और पर्दे से निकल गांधी जी के साथ आंदोलन में भाग लेने लगी थी। वे अपने गहने भी उतार कर बापू जी को अर्पित कर देती थीं। ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने मन की शांति के लिये राजयोग का अभ्यास कराया। मंच का संचालन शेखर राम ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन ब्रह्माकुमारी रचना बहन ने किया।
3. नगर पालिक निगम कोरबा के सभागार में आयोजित परिचर्चा में अपने विचार व्यक्त करते हुए ब्रह्माकुमारी सारिका बहन ने कहा कि ईश्वर को निहारने के बजाए उसके अस्तित्व का अहसास करने की कोशिश करना चाहिए। ईश्वर हर अच्छे कार्य में हमारा साथ देता है, उसे बिगड़ी को बनाने वाला कहा जाता है। आपने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिये हम सबको मिलकर प्रयास करना चाहिए। भ्राता अखिलेश शुक्ला सहायक अभियंता नगर पालिक निगम कोसाबाड़ी जोन ने कहा कि नशा एक सामाजिक बुराई है, जो तन मन धन और संबंधों को हानि पहंुचाते हैं। सरकार को इस ओर कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। भ्राता कमल कर्माकर पूर्व महाप्रबंधक बाल्को, उदयनाथ साहू व्याख्याता, भ्राता के वी एस एन अभियंता ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
4. शा.उ.मा. वि. उरगा में आयोजित कार्यक्रम में बहन पुष्पा श्रीवास ने कहा कि नशे तो अनेक प्रकार के हैं लेकिन गुटका पाउच की उपलब्धता सहज है और इसके दूरगामी परिणाम बहुत ही घातक है। बच्चों को नशे से दूर रह कर कुछ रचनात्मक कार्य करना चाहिए। भ्राता के. सी देवनाथ अक्षय हास्पिटल कोरबा ने नशे के विभिन्न प्रकार पर प्रकाश डाला। आपने कहा कि शराब से 60 प्रतिशत दुर्घटना का कारण बनती है। बहुतकाल शराब के सेवन से लीवर खराब हो जाता है। सिरोसिस जैसी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। मस्तिष्क की कार्य प्रणाली का अनियंत्रण और उच्च रक्तचाप हो सकता है। ब्रह्माकुमारी रीतांजलि बहन ने बच्चों को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा कराई।
5. सरस्वती शिशु मंदिर रजगामार में भ्राता अलख नारायण शर्मा प्राचार्य ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा चलाया जा रहा नशा मुक्ति अभियान के साथ राजयोग प्रशिक्षण बच्चों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा देता है। बहन षांति सिंह ने बच्चों को नशा मुक्ति के लिये शपथ दिलाई।
6.शा.उ.मा.विद्यालय एन.सी.डी.सी कोरबा में भ्राता शर्मा जी व्याख्याता,ब्रह्माकुमारी सारिका बहन, ब्रह्माकुमारी लीना बहन, बहन रश्मि शर्मा द्वारा नशा मुक्ति के लिये प्रेरणा दी।
7. एम.एल.सी.कम्प्यूटर कालेज कोरबा में आयोजित कार्यशाला में भ्राता अविरत शर्मा, भ्राता राजकुमार सिंह, बहन सारिका यादव व्याख्यातागण तथा विद्यार्थियों में दादू साहू, धीरज यादव, प्रदीप बोढ़क, कुमारी मंदोदरी ने अपने विचार व्यक्त किये। बहन सारिका शर्मा प्राचार्या ने अभियान के प्रति अपनी शुभकामनायें प्रेशित की।
8. शा. हाई स्कूल पोड़ीबहार में आयोजित परिचर्चा भ्राता एस.के. पाठक प्राचार्य ने कहा कि जहां भी अच्छी चीजें मिलती हैं उन्हें आत्मसात करना चाहिये। नशे से स्वयं को दूर रखें। ए.पी. शुक्ला व्याख्याता ने कहा मुझे तो बच्चों को पढ़ाने का नशा है। बहन पूजा शर्मा प्रशिक्षु बी-एड ने कहा कि मुझे नशा है पढ़ने पढ़ाने और नृत्य करने का। मुकेश श्रीवास, ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
9. विद्युत गृह उ.मा.वि. में युवा अनीश शर्मा ने कहा कि व्यक्ति को जीवन की उचाईयों को प्राप्त करने का नशा होना चाहिए। भाई संतोश सारथी ने अपने जीवन का अनुभव सुनाते हुए कहा कि मैंने पढ़ाई 8वीे के बाद आबारा बच्चों का संग लग गया और मैं सभी प्रकार के नशे में लिप्त हो गया। 10 वर्श के बाद जब मैं ब्रह्माकुमारी संस्था से जुड़ा तो आज मैंने 12 वीं पास कर ली है और अपना स्वयं का व्यापार फोटो स्टूडियो की अपनी दुकान है।
10. इंदिरा गांधी 100 शैय्या जिला चिकित्सालय, दक्षिण पूर्वी कोयला प्रक्षेत्र कोरबा, छ.ग. रा. वि उ.कं. लि. के साथ अनेक स्थानों पर चित्र प्रदर्शनी लगा कर नशा मुक्ति के लिये जन जागृति लाई गई। जिला प्रशासन कोरबा ने नशा मुक्ति अभियान के संचालन के लिये विशेष योगदान दिया।
11. जनपद पंचायत करतला में आयोजित कार्यशाला में भ्राता आर. एन. मिश्रा पंचायत निरीक्षक ने कहा कि नशा करने वाले स्वयं ही स्वयं के लिये गड्ढ़ा खोद रहें हैं। जब मालूम है कि बिजली का तार है, तो क्यों छूने का प्रयास करते हैं। जो चीजें नुकसानदायक हैं, उन्हें नहीं खाना चाहिए। भ्राता के.वी.एस.एन. प्रसाद अभियंता छ.रा.वि.उ.क लि. ने कहा करतला विकास खण्ड को यदि नशा मुक्त बनाना है तो हम सभी को मिल कर एकजुट होकर इस अभियान में अपनी सहभागिता निभानी होगी। भ्राता जी.के. मिश्रा मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अभियान के प्रति अपनी शुभकामनाये की। नशा मुक्ति के लिये होम्योपैथी की दवायें भी उपलब्ध कराई्र गईं।

SWACHHATA HI SEWA COMPAIGN 15SEP TO 2OCT2018

स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा
15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत जन आन्दोलन का षुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश भर के अलग अलग राज्यों में वीडियो कान्फे्रसिंग के द्वारा देशवासियों को संबोधित कर किया गया। आपने स्वच्छ भारत मिशन की ब्राण्ड एम्बेसडर राजयोगिनी दादी जानकी जी मुख्य प्रशासिका प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आबू पर्वत को प्रणाम करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का यह सपना मेरे सभी देशवासियों और युवा साथियों के सहयोग से सम्भव हो पा रहा है। स्वच्छ भारत अभियान करोड़ों भारतीयों का जीवन बदल रहा है। स्वच्छ भारत पूज्य भारत बापू जी को सबसे उत्तम श्रद्धांजलि होगी।

1. 15 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा जन आन्दोलन में अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित किये गये तथा विद्यालय परिसर को स्वच्छ साफ बनाने में सभी ने मिलकर अपनी सहभागिता निभाई।
2.शा.उ.मा.वि.कोरकोमा में आयोजित कार्यशाला में बहन एस. कच्छप प्राचार्या ने कहा कि विद्यार्थियों के मध्य शपथ ग्रहण करने के साथ साथ कई प्रकार से जागृति लाई गई। जिसमें खाने के पहले वा शौच जाने के बाद अच्छे से साबुन से हाथ धुलाई करना, नाखून और वस्त्रों की सफाई करना आदि पर ध्यान दिया गया। गांव में घर घर जाकर लोगों के मध्य भी जन जाग्रति लाई गई। जन प्रतिनिधियों ने भी विद्यालय में आकर स्वच्छता के प्रति अपनी सहभागिता निभाई।
3.बहन तारा शर्मा प्राचार्या मिनीमाता कन्या महाविद्यालय ने कहा कि इस प्रकार लगातार विद्याथियों में जन जाग्रति लाने से बच्चों में सफाई का संस्कार बनता है। आपने बतलाया कि हमारे महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्याथियों ने वेस्ट से बेस्ट माॅडल बनाकर नारे और कविताओं की भी रचना की है। ब्रह्माकुमारी सारिका बहन ने कहा कि स्वच्छता अपने जीवन का एक अंग बना लेना चाहिए। बहन रश्मि शर्मा ने कहा जब हम यात्रा करते हैं तो बस व रेल में अपने आस पास साफ सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए। बहन पापिया चर्तुेवेदी व्याख्याता ने कार्यक्रम के संयोजन में अपनी भूमिका निभाई। शा. ई. वि. स्नाकोत्तर महाविद्यालय कोरबा में राजेश सक्सेना प्राचार्य, डाॅ. जी.एस. जात्रा तथा के.एन. कालेज कोरबा मंे बहन कमलजीत कौर प्राचार्य ने अपने विचार व्यक्त किये।

4. शा. हाई स्कूल रूमगरा में आयोजित कार्यशाला में बहन ऊषा नेताम प्राचार्या ने कहा कि ब्रह्माकुमारी बहनें बाहरी सफाई के साथ साथ मन की सफाई का पाठ भी बच्चों को पढ़ा रही हैं। ब्रह्माकुमारी भारती बहन ने कहा कि जहां स्वच्छता होती है वहां ईश्वर का निवास होता है। ब्रह्माकुमारी पूजा ने कहा कि जब मंदिर में जाते हैं तो स्वच्छता पर ध्यान रखते हैं, इसी प्रकार यह शरीर भी चैतन्य आत्मा का मंदिर है। बहन शकुन, भ्राता उदयनाथ साहू व्याख्याता, घनश्याम श्रीवास शिक्षक, नीलेश विश्वकर्मा 10वीं, कु. वर्शा रानी महन्त, कु. चित्रा कंवर ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
5. बीकन इंग्लिश स्कूल ओमपुर रजगामार में आयोजित कार्यशाला में भ्राता दीपक कुमार ताण्डी ने कहा कि स्वच्छता की शुरूआत हम अपने ही घर से ही करें और अनेक रोगों से मुक्ति पायें। ब्रह्माकुमारी वेदान्ती ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के द्वारा चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान में हम सबको मिलकर आगे कदम बढ़ाने हैं।
6.भ्राता सतानंद द्विवेदी स्वच्छता निरीक्षक नगर पालिक निगम कोरबा, ब्रह्माकुमारी रीतांजलि, ब्रह्माकुमारी गणेशी, बहन रानू दिनकर शिक्षिका शा.पूर्व.मा.वि. उरगा, शिवलाल साहू प्राचार्य सरस्वती शिशु मंदिर बल्गी, बहन सरिता महन्त, बहन षषि प्रसाद शिक्षिका सरस्वती शिशु मंदिर रजगामार ने भी अपने विचार किये तथा विद्यालय परिसर की सफाई की। ब्रह्माकुमारी पाठशाला मानिकपुर परिसर को स्वच्छ बनाने के लिये सभी ने मिल कर सफाई की तथा कार्यशाला का आयोजन किया।
7. स्वच्छ भारत अभियान की ब्राण्ड एम्बेसडर राजयोगिनी दादी जानकी जी मुख्य प्रशासिका प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आबू पर्वत ने अभियान के लिये अपनी शुभ कामनायें प्रेषित की हैं।

SENIOR CITIZEN AND VEGETARIAN DAY 1 OCT2018

वृद्धजन सम्मान एवं शाकाहार पर परिचर्चा आयोजित
1.प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के विश्व सद्भावना भवन के सभागार में आयोजित स्नेह मिलन में 1अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध सम्मान दिवस पर उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान मुकुट पहनाकर एवं उपहार में चादर और श्रीफल देकर किया गया।
2. ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी हेमा बहन इंदौर ने कहा कि वृद्धजन तो अनुभवों की खान, एक पके हुए मीठे फल की तरह होते हैं। उनके आर्शीवाद से जीवन में प्रगति और निखार आता है।
3. मो. अब्दुल गफ्फार खान ने स्वरचित कवितायें सुनाकर सबका मन मोह लिया। आपने कहा कि वर्तमान में बच्चों को शिक्षा अपने व्यवहार से ही देना चाहिए। यह कहावत तो मषहूर है कि बोया बीज बबूल का तो आम कहां से होए। बचपन जो प्यार, सम्मान हम अपनी अहंमियत के साथ बच्चों से करते हैं, वही जब हमें वृद्ध अवस्था में मिलता है तो रोना आता है।
4. भ्राता जी. एल. शर्मा सेवानिवृत प्रबंधक एच. आर बाल्को ने कहा कि दूरदर्शी बन एक आदर्श माॅं बाप को अपने बच्चों को समय जरूर देना चाहिए और उनके साथ मित्रवत व्यवहार करना चाहिए। आपने गीता ज्ञान पर भी प्रकाश डाला।
5.विश्व षाकाहार दिवस पर विषय शाकाहार, श्रेष्ठ आहार पर आयोजित परिचर्चा में भ्राता कमल कर्माकर सेवानिवृत महाप्रबंधक बाल्को ने कहा कि मैंने जबसे शाकाहार के साथ मेडिटेशन करना प्रारम्भ किया है, तो मुझे कई बीमारी जैसे मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, तनाव आदि पर नियंत्रण प्राप्त हुआ है।
6.डाॅ. के. सी. देबनाथ, अक्षय हास्पिटल ने कहा कि मेरा यह अनुभव है कि जो शाकाहारी जीवन अपना रहें हैं उनमें बीमारियों पर नियंत्रण करना आसान हो गया है। आपने कहा कि एक स्थान नोकिकुआ ऐसा भी है जहांॅ अधिक उम्र के लोग रहते हैं वे सभी शाकाहारी हैं और वे लहसुन प्याज का भी सेवन नहीं करते हैं। प्रकृति की रचना का यदि हम अवलोकन करें तो धरती पर विभिन्न प्रकार के प्राणी हैं। घोड़ा, हाथी, गाय, बकरी आदि शाकाहारी हैं और शेर, चीता, लकड़बग्घा आदि मांसाहारी हैं। दोनों के व्यवहार में एक बहुत बड़ा अंतर है। मांसाहार खाने वालों में जैसे स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर, कैन्सर, कोलेस्ट्राल आदि बीमारियों की अधीकता होती है।
7.ब्रह्माकुमारी अनिता बहन ने कहा कि प्रजापिता ब्रह्मा के वृद्ध तन का ही आधार कलिकाल के अंत में शिव पिता परमात्मा लेते हैं, जिससे ही नई सृष्टि सतयुगी दुनिया की स्थापना होती है, वर्तमान समय ब्रह्माकुमारीज का यह संगठन इतना विशाल होता नजर आ रहा है उसकी धरोहर कहीं बुजुर्ग ब्रह्मा बाबा के प्यार सम्मान और दुलार से प्रारम्भ होती है। यह संगठन सम्पूर्ण रूप से शाकाहार पर अवलम्बित है। बहन लवलीन ने कविता पाठ किया। बहन नेहा स्वागत गीत की प्रस्तुति की। मंच का संचालन के बहन ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने किया।

मानवीय सेवा में, ब्रह्माकुमारी रूकमणी

JANMASTMI AND Dr. DEBNATH BIRTHDAY 2018

 

DADI JI SMRUTI DIWAS 2018

आध्यात्मिक प्रकाश की मणि-दादी प्रकाशमणि को श्रद्धा सुमन अर्पित
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विष्व विद्यालय संस्था की द्वितीय मुख्य प्रषासिका दादी प्रकाशमणि जी का जन्म सन् 1922 में अविभाजित भारत के सिन्ध प्रांत के हैदराबाद शहर में हुआ। 14 वर्ष की अल्पायु में दादी जी ने अपना जीवन मानव कल्याण हेतु सन् 1936-37 में ओम मण्डली के नाम पर स्थापित संस्था को सम्पूर्ण रूप से समर्पित कर दिया। सन् 1950 तक संस्था गहन ध्यान साधना और स्वयं को गढ़ने में, 350 सदस्यों का यह संगठन कराची में ही रहा। संस्था द्वारा स्थापित बोर्डिंग स्कूल में दादी जी ने एक आदर्श शिक्षिका की भूमिका निभाई। सन् 1950 में संस्था का स्थानांतरण कराची से भारत में मांउण्ट आबू राजस्थान में हुआ। सन् 1956-61 तक मुम्बई के ब्रह्माकुमारीज् सेवाकेन्द्रों की दादी जी संचालिका बनी। सन् 1964 में महाराष्ट्र जोन की आप निदेशिका बनी। सन् 1965-1968 तक आपने गुजरात, कर्नाटक में भी अपनी सेवाओं का विस्तार किया। सन् 1969 में आपने संस्था के संस्थापक के अव्यक्त होने के बाद संस्था के द्वितीय मुख्य प्रशासिका की बागडोर सम्हाली। आपने भारत में आयोजित अनेकानेक धर्म सम्मेलनों में भाग लिया। सन् 1972 में दादी जी ने संस्था का प्रतिनिधित्व विदेश, जापान में धर्म सम्मेलन से प्रारम्भ किया। संस्था की शाखाओं का विस्तार आपके ही मार्ग दर्शन से 140 देशों में हुआ। सन् 1981 में संस्था को संयुक्त राष्ट्र संघ में गैर सरकारी संस्था के रूप में शामिल किया गया। सन् 1984 में दादी जी अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप सहित 13 देशों में गये तथा अनेक सम्मेलनों में आपने भाग लिया। इसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा संस्था को पीस मेडल से सम्मानित किया। सन् 1987 में संस्था को संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा पीस मैसेन्जर अवार्ड प्रदान किया गया। सन् 1992 में दादी जी को मोहनलाल सुखड़िया विष्व विद्यालय उदयपुर द्वारा मानक डाक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। सन् 1993 में दादी जी के कार्य काल में युवा सद्भावना सायकल यात्रा के आयोजन भारत के आठ स्थानों से किया गया। सन् 2000 में 24 मुख्य शहरों से 24 ज्यार्तिंलिंगम रथ यात्रायें निकाली गईं। इस प्रकार कई अभियान जैसे कि मिलियन मिनिटस् आफ पीस, ग्लोबल कोआॅपरेशन फाॅर ए बेटर वल्र्ड, शांति और शुभभावना आदि चलाये गये। इंटरनेशनल ईयर फाॅर द कल्चर आॅफ पीस-मेनिफस्टो 2000 के अंतर्गत पूरे भारत में 3 करोड़ लोगों से फार्म भराये गये। आपके नेतृत्व में कई हेल्थ अवेयरनेय कम्पेन, एन्वायरमेन्ट अवेयरनेस कम्पेन, नषा मुक्ति अभियान के साथ अनेकानेक राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों का आयोजन किया गया। सन् 2001-2003 तक विश्व बन्धुत्व व सद्भावना को लेकर कई मेगा कार्यक्रम आयोजित किये गये। 25 अगस्त 2007 को दादी जी ने अव्यक्त वतन की राह ली। दादी जी के पुण्य स्मृति दिवस को विश्व बन्धुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है। महान तपस्विनी, कर्मठ, मृदु भाषी, स्नेह एवं शिक्षाओं का अतुलनीय संतुलन, दिव्य आभामण्डल के ओज से भरपूर, दूरदृष्टा तथा कुषल नेतृत्व ओरों को प्रदान करने वाली, ममता और करूणामयी दादी जी के 11 वीं पुण्य स्मृति दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित।

दादी जी का तो सदा यही कहना था, सदा ही एकनामी अर्थात् एक परमात्मा के अंत में खो जाओ और जीवन में सदा ही एकाॅनामी से चलना है, अर्थात् व्यर्थ समय और संकल्पों के साथ स्थूल संसाधनों की भी बचत करनी है।

NASHA MUKTI WEEK SAMAPAN 2018

नशा मुक्ति सप्ताह का समापन गेवरा दीपका में,
गेवरा-दीपका 2जुलाई2018ः प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा राश्ट्रीय चिकित्सक दिवस एवं नषा मुक्ति सप्ताह पर साधना भवन गेवरा दीपका में आयोजित कार्यक्रम में डाॅ. अविनाश तिवारी उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नेहरू जन्म शताब्दी एस.ई.सी.एल, ने अपने संदेश में सभी को राश्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर अपनी शुभकामनायें दीं। डाॅ.एस. के चंदेरिया नेहरू जन्म शताब्दी एस.ई.सी.एल, ने कहा कि नालेज की कमी के कारण लोग नशे से मुक्त नहीं हो पाते और ही वह डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। यहांॅ उसके घर परिवार के लागों की विशेष भूमिका होती है कि मिलकर उस व्यक्ति की समस्या को हल करें। डाॅ. व्ही. एम. के. वर्मा एन.सी.एच दीपका ने कहा कि आज का यह अभियान समाज का एक आवश्यक पहलू है। नशा आज समाज की एक जटिल समस्या है, जिसके कारण अनेक लोगों की मौत हो रही है। व्यक्ति इसके कारण कई प्रकार के कैन्सर का, शिकार हो जाता है। जो जीवन को नारकीय बना देते हैं। डाॅ. एम.के विश्वास ने कहा कि जब नशे से कोई बीमारी होती है तो किसी अच्छे डाॅक्टर की सलाह लेनी चाहिए। ब्रह्माकुमारी ज्योति बहन ने कहा कि राजयोग का अभ्यास सभी प्रकार के नशे की कड़ी बीमारी से छुड़ाने की सामथ्र्य रखता है। हमारे पास ऐसे कई उदाहरण इसके ज्वलंत प्रमाण हैं। डाॅ. के.सी. देबनाथ संचालक अक्षय हास्पिटल कोरबा ने नशा मुक्ति सप्ताह की समीक्षा की प्रस्तुति दी। आपने कहा कि युवा पीढ़ी नशे की समस्या को जन जागृति के माध्यम से कम कर सकती है और उससे होने वाली हानि को भी कम किया जा सकता है। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा नशे से पैसा भी बरबाद होता और अनेक पारिवारिक समस्यायें भी आ जाती हैं। श्रेष्ठ नर से नारायण बनने का नशा करें। मनुष्य से देवता बनने का नशा बिन पैसे खर्च का नशा है। इसके लिये राजयोग का अभ्यास चाहिए। भाई संतोष सार्थी ने अपने नशे के जीवन का अनुभव सुनाते हुए कहा कि वो भी समय था कि लोग मुझे आबारा, गुण्डा, शराबी, नशेड़ी के नाम से पहचानते थे। लेकिन राजयोगी बनने के बाद मैं कम्प्यूटर ट्रेनर के साथ, पढ़ा लिखा एक फोटो स्टूडियो का मालिक हूॅ। आज सभी लोग मुझे दिल से सम्मान देते हैं। इसके लिये मैं ब्रह्माकुमारीज् संस्थान का आभार मानता हूॅं और सदा के लिये उनका ऋणि रहूंगा। कु. आशा ने नृत्य की प्रस्तुति की। बहन रेणु तिवारी प्राचार्या आर.एन. पब्लिक विद्यालय दीपका ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा कु. कंचन बाला मौरे ने मंच संचालन किया। विषय-नशा नाश की जड़ पर आयोजित चित्रकला प्रतिस्पर्धा के परिणाम इस प्रकार हैंः- प्रथमः रिया कुमारी 10वीं स.शि.मं गेवरा। द्वितीयः जयदीप पटेल 9वीं डी.ए.वी विद्यालय गेवरा। तृतीयः जयदीप 9वीं सी.पी.एस.झाबर।
शा. हाई. स्कूल सतरेंगा में आयोजित कार्यक्रम धनीराम जायसवाल प्राचार्य, विरेन्द्र साहू शिक्षक, बहन सरोज, बहन मंजूला यादव, ब्रह्माकुमारी पूजा, ब्रह्माकुमारी सरस्वती ने नशा मुक्ति पर अपने विचार व्यक्त किये।
शा. उ.मा.वि. कोरकोमा में आयोजित कार्यशाला में बहन एस.कच्छप वाल्टर प्राचार्या, भ्राता पी.एल.टण्डन व्याख्याता, बहन डिम्पल रावल व्याख्याता पं. भ्राता के.वी.एस.एन.प्रसाद, भ्राता खगेष्वर सोनी ग्रामीण,ब्रह्माकुमारी वेदान्ती, कु. काजल षर्मा 12वीं ने भाग लिया।
शा.उ.मा.वि तिलकेजा में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम भ्राता एम.आर. श्रीवास प्राचार्य, भ्राता के.के.दुबे, भ्राता तिवारी जी, भ्राता महावीर राजपूत, ब्रह्माकुमारी रीतांजली ने अपने विचार नशा मुक्ति पर व्यक्त किये।
राजयोग केन्द्र जमनीपाली के कृश होम्योपेथिक क्लीनिक कोरबा द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।