KISHAN ABHIYAN SAMAPAN AT SAKTI

किसान सशक्तिकरण रैली एवं स्नेह मिलन

सक्तीः 22.09.2019 -प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय शाखा शक्तिकुंज सक्ती के तत्वाधान में छत्तीसगढ़ किसान सशक्तिकरण अभियान के अंतर्गत किसान सशक्तिकरण रैली के द्वारा न्यू सब्जी मण्डी से प्रारम्भ हो विभिन्न मार्गों पर भ्रमण करते हुए जन जाग्रति लाई गई। शक्तिकुंज के सभागार में आयोजित परिचर्चा एवं स्नेह मिलन में ब्रह्माकुमारी गीता बहन ने कहा कि हम लोग कोल्हापुर में लगभग 100 किसान मिलकर शाश्वत यौगिक एवं जैविक खेती करते हैं। जिसमें गोबर एवं गौमूत्र, के विभिन्न उत्पाद जैसे जीवामृत, कीटनाशक आदि के उपयोग के साथ खेतो में जाकर परमात्म ऊर्जा से सशक्त करने के लिये मेडिटेशन भी करते हैं। जिसको शाश्वत यौगिक खेती व ऋृषि कृषि के नाम से भी जाना जाता है। जिसके परिणाम स्वरूप अनाज की गुणवत्ता तथा फाईबर में बढ़ोत्तरी हुई है। इस प्रयोग से प्रभावित होकर डाॅ. बालासाहेब सांवन्त कोकन कृशि विद्यापीठ दापोली, जिला रतनागिरी महाराष्ट्र में चार प्रकार की खेती पर शोध का कार्य चल रहा है। पहला प्राकृतिक, दूसरा आर्गेनिक, तीसरा यौगिक, चैथा आर्गेनिक तथा यौगिक। चारों प्रकार की खेती के लिये अलग अलग स्थान बनाये गये हैं। इस पर आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रभाव स्पश्ट देखने को मिलता है। ब्रह्माकुमारी सारिका बहन कोल्हापुर ने कहा कि परमात्म शक्ति एवं ऊर्जा राजयोग के माध्यम से प्राप्त होती है। इसके लिये आत्म विश्वास तथा परमात्म विश्वास की आवश्यकता है। वैज्ञानिक सर जगदीश चन्द्र बोस ने प्रयोग द्वारा बतलाया था कि मनुष्य आत्मा जो भी विचार व भावना उत्पन्न करती है, उसका सीधा प्रभाव पेड़ पौधे और वातावरण पर पड़ता है। ब्रह्माकुमार किसन भाई ने कहा कि सरकार की आर्थिक व्यवस्था कृषि पर आधारित है। किसानों को आत्मसम्मान रखना है कि हम मांगने वाले नहीं लेकिन सभी की झोली भरने वाले हैं, हम अन्नदाता हैं। किसान शब्द में शान शब्द जुड़ा हुआ है। आपने जीवामृत बनाने की विधि बतलाते हुए कहा कि 10 लीटर गौमूत्र, 10 किलो गौ गोबर, 4 किलो बेसन, 2 किलो पुराना गुड़ के साथ आधा किलो मेढ़ व पीपल के पेड़़ की मिट्टी एक 200 लीटर के ड्रम में पानी से भरकर रख दें। प्रतिदिन परमात्मा की याद घड़ी की दिशा में दण्डे से सुबह-शाम घुमायें तथा उसका मुंह मोटे कपड़े से ढ़क दें। सात दिन के बाद इसको खेतों में पानी के साथ प्रवाहित कर दें। इसी प्रकार कीट नाशक बनाने के लिये 5 लीटर गौमूत्र में दो किलो नीम के बीज तथा आधा किलो हरी मिर्ची कूट कर डाल दें। 5 दिन में यह दवाई बन जाती है। भ्राता एम. एस. चन्द्रा अनुविभागीय कृषि अधिकारी सक्ती ने कहा यह अभियान कोरबा अंचल में जन जाग्रति लाने में निश्चित ही सफल हुआ है। अभियान के द्वारा अनेक ग्राम एवं विद्यालय लाभान्वित हुए हैं। भ्राता देवदत्त चन्द्रा कृशि विस्तार अधिकारी ने कहा कि आज का समय रासायनिक युग चल रहा है। हम रासायनिक खाद पर ही पूरी तरह आश्रित होते जा रहें हैं। रासायनिक खाद के प्रयोग से एक तो जमीन बंजर होती जा रही है, दूसरा बीमारियां भी बढ़ रही हैं, तीसरा लागत भी बढ़ रही है। हरियाणा पंजाब सबसे अधिक देश को अन्न देने वाले प्रांत थे आज उनकी हालत दयनीय होती जा रही है। बच्चे जो पैदा हो रहें हैं वो अनेक बीमारियों के षिकार हैं। कृषि के क्षेत्र में आपस में मिलजुल कर कार्य करने की आवश्यकता है। सरकार भी नरवा, गरूआ, घुरवा और बारी योजना से किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। सिक्किम राज्य में सभी किसान जैविक खेती कर रहें हैं। भ्राता रामावतार अग्रवाल ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि हम किस प्रकार का दूध पी रहें हैं। हम सार्टकट में चलना चाहते हैं कम मेहनत में अधिक उत्पादन चाहते हैं। आज इस अभियान का संदेष आप आगे एक से एक ग्यारह करके जन जन तक पंहुचायेंगें यही शुभ कामना रखता हूंॅ। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा कि अपनी मन की शक्ति से प्रकृति को जितना सषक्त बनायेंगें, तो ये 5 तत्व भी आपके सेवाधारी बन जायेगें, कभी धोखा नहीं देगें। नृत्य नाटिका, तथा गीतों की शमा ने सभी का मन मोह लिया। भ्राता शेखरराम ने मंच का संचालन तथा धन्यवाद ज्ञापन ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने किया। ब्रह्माकुमारी तुलसी बहन ने 7 दिवसीय राजयोग प्रशिक्षण के लिये सभी को सेवाकेन्द्र पर आमंत्रित किया।
मानवता की सेवा में, ब्रह्माकुमारी तुलसी