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SHIV AVATARAN MAHOTSAV MELA BALCO

शिव अवतरण महोत्सव आध्यात्मिक मेला

बाल्को 16.02.2020- ब्रह्माकुमारीज पीस पार्क सेक्टर 6 बाल्को नगर में, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईष्वरीय विष्व विद्यालय के तत्वाधान में शिव अवतरण महोत्सव आध्यात्मिक मेला का षुभारम्भ मान्नीय जयसिंह अग्रवाल राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री छ.ग. षासन के कर कमलों के द्वारा षिव ध्वज फहराकर, दीप प्रज्जवलित कर, केक काटकर श्रीफल तोड़कर गणमान्य व्यक्तियों एवं नगरवासियों की उपस्थिति में किया गया। भ्राता जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि बहुत ही खुषी की बात है कि कोरबा क्षेत्र में समय समय पर सामयिक आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा आयोजित किये जाते हैं। लगभग सभी आयोजनों में पंहुचने का अवसर मुझे प्राप्त होता है। चाहे कोरबा क्षेत्र का पर्यावरण का मुद्दा हो वा स्थानीय स्वच्छता व विकास का मुद्दा हो। इस विष्व विद्यालय के माध्यम से बहनजी लोग चिन्तन करती हैं और कोरबा, दर्री, बाल्को आदि सभी क्षेत्रो में बड़े बड़े आयोजन होते रहते हैं, जिससे आम जनता को लाभ मिलता है। पिछले सप्ताह ही आंतरिक षांति अनुभूति केन्द्र कोहडि़या का लोकार्पण हुआ। नगर पालिक निगम के नव निर्वाचित जन प्रतिनिध्यिों का सम्मान हुआ। इसी प्रकार आप सबका कोरबा वासियों पर आर्षीवाद बना रहे। कोरबा क्षेत्र में षांति व्यवस्था के लिये, प्रदूशण से मुक्ति दिलाने के लिये, कोरबा के विकास में आप सबकी भागीदारी बनी रहे, इसी बात की मैं कामना करता हूॅ। इसके साथ ही आज के इस षिव महोत्सव की सभी को बहुत बहुत षुभकामनायें और बधाई देता हूॅ।
भ्राता राजकिषोर प्रसाद महापौर नगर पालिक निगम कोरबा ने कहा कि मेरा तो यह अनुभव है कि ऐसे पवित्र प्रांगण में उपस्थिति मात्र से ही जो आत्मिक षांति का अनुभव होता है। अपने आप कहीं से एक अनुभूति ऐसी होने लगती है कि परम पिता परमात्मा षिव बाबा के साथ सम्बद्धता स्वमेव ही जुड़ जाती है। इस ब्रह्माकुमारी संस्थान का मैं अपने आपको बहुत ऋणी अनुभव करता हूॅं। मुझे इस बात की खुषी भी है और गर्व भी है कि ऐसे आधुनिक युग बिना दवा के भी मेडिटेषन के द्वारा सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्ति की कल्पना की जा सकती है। जैसा कि संस्था के मुख्यालय में हृदय रोगियों का उपचार किया जा रहा है।
भ्राता ष्याम संुदर सोनी सभापति नगर पालिक निगम कोरबा ने कहा कि भगवान की प्राप्ति के अनेक माध्यम होते हैं कोई निराकार को मानता है तो कोई मूर्ति पूजा को श्रेश्ठ मानते हैं। इस आलौकिक षक्ति को प्राप्त करने के लिये महाषिवरात्रि के आने वाले पर्व को देखते हुए इस मेले का आयोजन किया गया है, इसके द्वारा लोगों में जागरूकता आये, अपने धर्म के प्रति जागरूकता आये, भगवान के प्रति आस्था जागे, बुराईयों से दूर रहें अच्छाईयों को अपनायें।
भ्राता हितानंद अग्रवाल पार्शद वार्ड क्र. 35 ने कहा कि हमारे लिये षुभ अवसर है और सौभाग्य की बात है कि इस प्रकार के मेले का आयोजन जिसमें भव्य षिवलिंग एवं अनुपम आध्यात्मिक छठा का आनंद सभी लेगें और भक्ति भाव का वातावरण रहेगा। सब जानते हैं कि ब्रह्माकुमारी का जो मेडिटेषन है वह अंदर से पवित्रता सुख षांति देता है। हमारा मन षांत होता है, परोपकार की भावना आती है, दुर्गुण दूर हाते हैं, समाज और वातावरण षुद्ध बनता है। इनका कार्य सम्पूर्ण निःस्वार्थ भावना से होता है। बहन गीता किरण पार्शद वार्ड क्रं.41 ने कहा कि बाल्को नगर मैं इस तरह का आयोजन प्रथम बार हुआ हैै, इसके लिये मैं संस्था को सहृदय से धन्यवाद देना चाहूंगी।
ब्रह्माकुमारी विद्या बहन ने आध्यात्मिक मेेले का आकर्शण बतलाते कहा कि षहर वासियो के लिये ब्रह्माकुमारीज का यह एक सुन्दर अनुपम उपहार है। मेले में द्वादष ज्योर्तिलिंगम के साथ, चालीस फुट ऊंचा षिव लिंग एक भव्य आकर्शण का केन्द्र बना हुआ है। आत्मदर्षन, परमात्मदर्षन, युगदर्षन, स्वर्णिम भारत दर्षन के साथ चैतन्य देवियों की झांकी, सुस्वास्थ्य प्रदर्षनी, नषामुक्ति प्रदर्षनी एवं गोकुल गांव का भी आयोजन किया गया है। मन की गहन षांति के लिये सहज राजयोग प्रषिक्षण एवं योग अनुभूति कक्ष की भी स्थापना की गई है। गोश्ठी, सत्संग, प्रवचन और टेली फिल्म का भी आयोजन किया गया है। मेले का लाभ लेने के लिये नगरवासी सायं 4.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक सादर आमंत्रित हैं। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने अपने आषीश वचन में कहा कि षिव तो सदा आदि, अनादि, अनंत हैं। षिव दानी, महादानी और सदा वरदानी मूर्त हैं। षास्त्रों में षिव को भोलानाथ के रूप में औघड़ दानी का गायन है। षिव की बारात में सर्व प्राणियों को सम्मिलित होने का निमंत्रण होता है। मन की रूहानी यात्रा की अनुभूति करने से उपराम न्यारे प्यारे और निर्मोही हो जाते हैं, उसके बाद कोई भी यात्रा करने की आवष्यकता नहीं होती है। ब्रह्माकुमारी बिन्दु बहन ने गहन षांति की अनुभूति के लिये सहज राजयोग का अभ्यास कराया। भ्राता कृपाराम साहू,गंगाराम भारद्वाज, नर्मदा प्रसाद लहरे, तरूण राठौर अनेक पार्शदगण तथा डाॅ. के.सी.देबनाथ, भ्राता रामकुमार साहू अति. जी.एम. एन.टी.पी.सी जमनीपाली ने भी षुभकामनायें व्यक्त की और अपनी सहभागिता निभाई। भ्राता षेखरराम सिंह ने मंच का संचालन किया। बहन कंचन मोर्य, कु. श्री और कुम कुम ने स्वागत गीत और स्वागत नृत्य की प्रस्तुती दी। बहन सृश्टि नायडू संचालिका विज्योति कथक नृत्य कला केन्द्र बाल्को के बाल कलाकारों के द्वारा ताण्डव नृत्य की प्रस्तुति दी गई। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भी भेंट की गई।