TEACHERS DAY AND CONVOCATION

शिक्षक दिवस पर सम्मान एवं दीक्षान्त समारोह सम्पन्न

जमनीपालीः 06.09.2019- शिक्षक दिवस पर राजयोग केन्द्र साडा कालोनी जमनीपाली में षिक्षक सम्मान एवं अन्नामलाई विश्वविद्यालय से प्राप्त उपाधि का वितरण दीक्षान्त समारोह में किया गया। इस अवसर पर डाॅ. उमेष प्रसाद साहू, भ्राता के.बी.लाल, भ्राता शेखरराम सिंह, भ्राता उदयनाथ साहू तथा बहन अनसुईया साहू को एम.एस.सी की उपाधि देकर सम्मानित किया गया। भ्राता रामकुमार साहू अति. महाप्रबंधक एन.टी.पी.सी कोरबा ने कहा कि मूल्य शिक्षा एवं अध्यात्म में विभिन्न उपाधियां दूरस्थ शिक्षा में माध्यम सहज प्राप्त की जा सकती हैं। इसके साथ ही स्व प्रबंधन एवं आपदा प्रबंधन में एम.बी.ए. और अन्य पाठ्यक्रम चलाये जा रहें हैं। यह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का एक उत्तम प्रयास है। अंचल से आये शिक्षको को पुष्प गुलदस्ता, श्रीफल, पेन, स्लोगन देकर सम्मानित किया गया। मुख्य मंत्री षिक्षा गौरव जिला स्तर तथा अक्षय शिक्षा प्रकोष्ठ सम्मान राज्य स्तरीय से सम्मानित भ्राता नोहर चन्द्रा षिक्षक शा. प्रा. शाला कठमुरा ने कहा कि डिजिटल स्मार्ट शिक्षा से बच्चों का अध्ययन के प्रति रूचि बड़ी है और उनका सिलेक्शन नवोदय विद्यालय में भी हुआ है। ऐसा पाया गया है कि रविवार व अवकाश के दिन भी बच्चे विद्यालय में पाये जाते हैं। भ्राता कमल सिंह ठाकुर रिटा. वरि. षिक्षक ने कहा कि शिक्षक और गुरू की परिपाठी प्रारम्भ से चली आ रही है। पहले गुरूकुल में आचार्य अपने आचरण से शिक्षा दिया करते थे उन्हे जीवनयापन के साथ साथ स्वालम्बन की शिक्षा देते थे। बहन बिन्दु शिक्षिका डी पी एस. एन.टी.पी.सी. ने कहा कि पहले तो स्वयं का आत्मज्ञान होना आवश्यक है जिससे स्वयं खुष रहकर खुशी दूसरों को बांट सकेगें। ब्रह्माकुमारी रूकमणी बहन ने कहा कि नैतिक शिक्षाओं की धारणा के लिये आध्यात्म के आधार की आवष्यकता होती है। एक परमसत्ता परमात्मा की विशेष शक्ति से ही दिव्य गुणों की धारणा की जा सकती है। कहा भी जाता है कि जैसा संग वैसा रंग। सबसे उत्तम है परमात्मा का संग और उनके ज्ञान की धारणाओं का रंग। ब्रह्माकुमारी बिन्दु बहन ने कहा कि भारत मां के सपूत भारत रत्न डाॅ.सर्वपल्ली राधाकुष्णनन् के साथ मैं उपस्थित सभी शिक्षकों को नमन करती हूॅं। आपने कहा कि आध्यात्म इंसान को देवत्व की ओर ले जाती हैं जहां सुखी सम्पन्न जीवन और समरसता एकता भाईचारे का समाज है। आज की शिक्षा पद्धति में आध्यात्म का समावेश होना आवश्यक है। बहन लवलीन गांधी ने गुरूग्रंथ साहेब की गरूवाणी की विवेचना की। आदित्य सोनी तथा कु. कुचन ने स्वागत गीत की प्रस्तुती दी।