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VISHWA DIVYANG DIVAS


आमाडांड ग्राम में राश्ट्रीय सेवा योजना षिविर

कोरकोमाः 2.12.2019 – ग्राम आमाडांड में राष्ट्रीय सेवा योजना शा.उ.मा.वि. कोरकोमा के द्वारा आयोजित शिविर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय कोरबा के तत्वाधान में विभिन्न व्यक्तित्व विकास की कार्यशालायें आयोजित की गईं। भ्राता के.वी.एस.एन.प्रसाद सहायक अभियंता सी.एस.पी.जी.सी.एल कोरबा ने मौलिक अधिकारों की जानकारी देते हुए कहा कि संविधान हर नागरिक को एक समान अधिकार देता है जिससे वे स्वयं के व्यक्तित्व विकास के साथ, समाज और राष्ट्र का विकास हो सके। बहन एस. कच्छप वाल्टर प्राचार्या षा.उ.मा.वि.कोरकोमा ने कहा कि अधिकार तो संविधान से हर एक नागरिकों को मिले हुए हैं लेकिन इसके साथ हमें कर्तव्यों के प्रति सजग रहना है। हमें अपने राष्ट्र ध्वज, राष्ट्र गान का सम्मान करना है। जो भी ऐतिहासिक बने हुए इमारते हैं उनका हमें संरक्षण करना है। आप जिस विद्यालय में अध्ययन कर रहें उसे अच्छा और सुव्यवस्थित रखना भी आपका कर्तव्य है। बहन नीता वर्मा व्यख्याता ने कहा कि बच्चे बड़े ही अनुशासित हैं और समूह बनाकर सामाजिक कार्य बड़े ही रूचि से कर रहें हैं। यह स्कूल परिसर की पुताई, लिपाई, चबूतरा निर्माण कार्य इन बच्चों के द्वारा ही किये गये हैं। ब्रह्माकुमारी पूजा बहन और संस्था के सदस्यों द्वारा मन की एकाग्रता तथा जीवन संयम पर प्रकाश डालते हुए व्यक्तिगत रूप से प्रेरणा दी गई। ब्रह्माकुमारी पूजा ने कहा कि शरीर हरेक को अपना अपना ईश्वर से प्राप्त हुआ है। उसे तो किसी तरह से चलाना ही पड़ता है, लेकिन इसके साथ राजयोग के अभ्यास से आप मन की शक्तियों को विकसित कर सकते हैं।
डाॅ.के.सी.देबनाथ संचालक अक्षय हाॅस्पिटल कोरबा के द्वारा ग्रामीण वासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आपने कहा कि दिव्यांग असहाय तथा वृद्धजन की सहायता करना हम सभी का कर्तव्य है। भ्राता दीपक मिश्रा सहा.शि.पंचायत शा.प्रा.वि. आमाडांड ने विश्व दिव्यांग दिवस को याद करते हुए कहा कि मैं दिव्यांग अवश्य हूं लेकिन एक सम्पन्न परिवार से होने के कारण अनेक सुविधाये मुझे मिली और आज मैं अपने पैरों पर अपनी जीविका चला रहा हूॅं, लेकिन मैं अपने आसपास दिव्यांग बन्धुओं से मिलकर उनकी सहायता अवश्य करूंगा।

विष्व दिव्यांग दिवस पर दिनांक 3 दिसम्बर 2019 को दुर्गा मण्डप, गांधी चैक कोरकोमा में प्रातः 8ः00 बजे निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण विशेष दिव्यांग के लिये रखा गया है।